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हरियाणा: हांसी में भूकंप का मॉक ड्रिल, मलबे में दबे लोगों को SDRF ने सुरक्षित निकाला
- Photo by : social media
संक्षेप
हरियाणा: हांसी जिला सचिवालय हांसी में सोमवार को भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए तैयारियों को परखने के उद्देश्य से मॉक ड्रिल आयोजित की गई।
विस्तार
हरियाणा: हांसी जिला सचिवालय हांसी में सोमवार को भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए तैयारियों को परखने के उद्देश्य से मॉक ड्रिल आयोजित की गई। मॉक ड्रिल के दौरान जिला सचिवालय की इमारत भूकंप के कारण क्षतिग्रस्त होने तथा मलबे में कई लोगों के दबे होने की काल्पनिक स्थिति तैयार की गई। सूचना मिलते ही विभिन्न विभागों की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं और संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। मॉक ड्रिल के तहत भूकंप आने और जिला सचिवालय की इमारत का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त होने की सूचना प्राप्त होते ही राज्य आपदा मोचन बल की त्वरित कार्रवाई टीम-3 हिसार घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने सबसे पहले घटनास्थल का जायजा लिया और मलबे में फंसे लोगों की स्थिति का आकलन करते हुए खोज एवं बचाव अभियान शुरू किया। विभागों के बीच बेहतर समन्वय का किया गया प्रदर्शन मॉक ड्रिल के दौरान राज्य आपदा मोचन बल की टीम ने अपनी कार्यकुशलता, साहस और त्वरित प्रतिक्रिया का प्रभावी प्रदर्शन किया। जवानों ने आधुनिक खोज एवं बचाव तकनीकों का प्रयोग करते हुए मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस, अग्निशमन विभाग, एनसीसी, चिकित्सा दल तथा राज्य आपदा मोचन बल की टीमों के बीच बेहतर तालमेल देखने को मिला। सभी टीमों ने निर्धारित जिम्मेदारियों के अनुसार कार्य करते हुए आपदा की स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने की क्षमता का प्रदर्शन किया। राज्य आपदा मोचन बल की त्वरित कार्रवाई टीम-3 हिसार ने इंस्पेक्टर राजेश कुमार की कमान तथा सहायक उप निरीक्षक जगसीर सिंह के नेतृत्व में बचाव अभियान को प्रभावी ढंग से अंजाम दिया।
मॉक ड्रिल का आयोजन सिटी मजिस्ट्रेट हिमांशु चौहान की मौजूदगी में किया गया। इस दौरान स्थानीय पुलिस, एनसीसी, अग्निशमन विभाग तथा राज्य आपदा मोचन बल की हिसार स्थित त्वरित कार्रवाई टीम-3 के जवानों ने संयुक्त रूप से बचाव अभियान चलाया।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची बचाव टीम
राज्य आपदा मोचन बल के जवानों ने पूरी सावधानी और तत्परता के साथ मलबे में दबे लोगों की तलाश की तथा उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। बाहर निकाले गए घायल व्यक्तियों को चिकित्सा दल के सहयोग से प्राथमिक उपचार उपलब्ध करवाया गया और आवश्यकता के अनुसार उन्हें अस्पताल पहुंचाने की कार्रवाई की गई।
टीम के जवानों ने मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के साथ-साथ उन्हें समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया का भी सफल प्रदर्शन किया।
मॉक ड्रिल के दौरान यह भी प्रदर्शित किया गया कि किसी भी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में बचाव दल किस प्रकार घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का आकलन करता है, मलबे में फंसे लोगों की तलाश करता है, उन्हें सुरक्षित बाहर निकालता है तथा घायलों को प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध करवाकर अस्पताल तक पहुंचाने की व्यवस्था करता है। मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा के समय विभिन्न विभागों की त्वरित प्रतिक्रिया, आपसी समन्वय, खोज एवं बचाव कार्य, चिकित्सा सहायता तथा लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की तैयारियों को परखना था। इस अभ्यास के माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया कि वास्तविक आपदा की स्थिति में सभी संबंधित विभाग निर्धारित भूमिका के अनुसार तत्काल कार्रवाई कर सकें।
मौके पर मौजूद अधिकारियों ने मॉक ड्रिल का निरीक्षण किया तथा राहत एवं बचाव कार्य में शामिल सभी टीमों की कार्यप्रणाली का जायजा लिया। अधिकारियों ने टीमों के बीच बेहतर समन्वय और जवानों की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की मॉक ड्रिल आपदा के समय होने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए विभागों को पहले से तैयार रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इस अवसर पर डीएसपी विनोद शंकर भारद्वाज, डीएसपी अक्षय कुमार , डीएसपी रविंद्र सांगवान तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पूरी तत्परता और जिम्मेदारी के साथ भाग लिया।
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