-
☰
मध्य प्रदेश: बैंक पेंशन पर निजी दखल, संवैधानिक अधिकारों पर उठे सवाल
- Photo by :
संक्षेप
मध्य प्रदेश: भारतीय बैंक पेंशनर्स आज जिस आर्थिक और मानसिक शोषण से गुजर रहे हैं।
विस्तार
मध्य प्रदेश: भारतीय बैंक पेंशनर्स आज जिस आर्थिक और मानसिक शोषण से गुजर रहे हैं। वह केवल “नीतिगत त्रुटि” नहीं बल्कि संवैधानिक विफलता का परिणाम है। पेंशन विनियम 1995 एक वैधानिक नियम है, जिसे संसद द्वारा अनुमोदित कानूनों के अंतर्गत लागू किया गया। इसके बावजूद Indian Banks’ Association (IBA) और United Forum of Bank Unions (UFBU) जैसी संस्थाएँ वर्षों से पेंशन नीति को मनमाने ढंग से प्रभावित कर रही हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि IBA और UFBU—दोनों ही न तो वैधानिक संस्थाएँ हैं, न संसद द्वारा गठित, न RTI के दायरे में। फिर भी इनके तथाकथित Joint Notes और Advisories को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, RBI और वित्त मंत्रालय तक मान्यता दे देते हैं। परिणामस्वरूप, पेंशन विनियमों को दरकिनार कर लाखों पेंशनर्स के अधिकार सीमित कर दिए जाते हैं।
पेंशन कोई दया नहीं, बल्कि सेवा का स्थगित वेतन (Deferred Wage) है—यह सिद्धांत सर्वोच्च न्यायालय द्वारा बार-बार दोहराया गया है। इसके बावजूद समान सेवा अवधि और समान पद पर कार्य करने वाले कर्मचारियों को असमान पेंशन देना संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता) और अनुच्छेद 21 (सम्मानपूर्वक जीवन) का सीधा उल्लंघन है। सबसे गंभीर प्रश्न यह है कि जब कोई संस्था अनरजिस्टर्ड, गैर-जवाबदेह और निजी है, तो उसे सार्वजनिक धन, सार्वजनिक नीति और वैधानिक पेंशन व्यवस्था पर निर्णय लेने का अधिकार किसने दिया? यह स्थिति केवल शोषण नहीं, बल्कि कानूनी छल (Legal Fraud) और विश्वासघात की श्रेणी में आती है।यदि नहीं, तो IBA–UFBU मॉडल को पेंशन नीति से तत्काल बाहर किया जाना चाहिए और एक स्वतंत्र, वैधानिक, पारदर्शी Pension Authority का गठन किया जाना चाहिए। यह लड़ाई केवल बैंक पेंशनर्स की नहीं, बल्कि संवैधानिक शासन बनाम निजी सत्ता की है।
उत्तर प्रदेश: कुलपहाड़ नगर पंचायत में निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार की जांच शुरू
हरियाणा: डीसी राहुल नरवाल ने बाल भवन में बच्चों संग मनाया जन्मदिन, 11 हजार देने की घोषणा
बिहार: धान के बिचड़े के विवाद में हिंसा, गर्भवती महिला समेत कई लोग घायल
गुजरात: T20 मैच पर सट्टा लगाते दो आरोपी गिरफ्तार, ₹28,500 का मुद्दामाल जब्त
उत्तर प्रदेश: 29वीं अंतरजनपदीय पुलिस कुश्ती और खेल प्रतियोगिता का हुआ शुभारंभ
गुजरात: भुवाजी की मांगीलाल पटेल के चुनाव जीत की भविष्यवाणी चर्चा में