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उत्तर प्रदेश: सहारनपुर कलेक्ट्रेट मस्जिद मामले में जमीयत उलेमा का प्रतिनिधिमंडल पहुंचा, दस्तावेजों और कानूनी पहलुओं पर हुई चर्चा

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उत्तर प्रदेश  Published by: Ghanshyam Das , Date: 08/09/2026 10:34:23 am Share:
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  • 08/09/2026 10:34:23 am
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उत्तर प्रदेश: सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद को ढहाए जाने के बाद सामने आए मामले को लेकर जमीयत उलेमा-ए-हिंद का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल सहारनपुर पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने मस्जिद कमेटी के सदस्यों, मुतवल्ली, खादिमों, शहर काजी और स्थानीय उलेमाओं व बुद्धिजीवियों से मुलाकात कर मामले से जुड़े दस्तावेजों की जानकारी ली। जमीयत उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना सैयद महमूद मदनी के निर्देश और प्रदेश अध्यक्ष मुफ्ती सैयद मोहम्मद अफ्फान मंसूरपुरी की हिदायत पर प्रदेश महासचिव मौलाना अमीनुल हक अब्दुल्लाह कासमी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल सहारनपुर पहुंचा। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मस्जिद से जुड़े दस्तावेजों की जांच की और मामले के कानूनी एवं संवैधानिक पहलुओं पर चर्चा की। पत्रकारों से बातचीत में मौलाना अमीनुल हक अब्दुल्लाह कासमी ने प्रशासन की कार्रवाई को लेकर कई कानूनी सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने 16 जुलाई 2026 को उत्तर प्रदेश पब्लिक प्रिमाइसेस एक्ट के तहत मस्जिद को सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा मानते हुए बेदखली का आदेश दिया था। उनके अनुसार, इस आदेश को जिला जज की अदालत ने भी बरकरार रखा था।

मौलाना कासमी ने कहा कि मस्जिद पक्ष की ओर से पुराने राजस्व रिकॉर्ड में जमीन वाहिद खान और याकूब खान के नाम दर्ज होने का दावा किया गया है। साथ ही वक्फ रजिस्ट्रेशन से जुड़े दस्तावेज भी पेश किए गए हैं। उनका कहना है कि मामले में हाईकोर्ट जाने का कानूनी विकल्प मौजूद था, लेकिन कार्रवाई होने के बाद यह रास्ता प्रभावित हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि मुस्लिम पक्ष के अनुसार यह इबादतगाह वर्ष 1947 से पहले से मस्जिद के रूप में मौजूद थी, इसलिए मामले के कानूनी पहलुओं की जांच प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट, 1991 के संदर्भ में भी किए जाने की जरूरत है। जमीयत उलेमा-ए-हिंद की ओर से कहा गया कि संगठन इस मामले में कानूनी सहायता उपलब्ध कराएगा और जरूरत पड़ने पर हाईकोर्ट तथा सुप्रीम कोर्ट में भी कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी। प्रतिनिधिमंडल में पश्चिमी यूपी अध्यक्ष मौलाना मोहम्मद आकिल कासमी, प्रदेश उपाध्यक्ष मुफ्ती मोहम्मद बिनयामीन कासमी, प्रदेश सचिव कारी अब्दुल मुईद चौधरी, सद्भावना मंच के प्रदेश संयोजक मौलाना मूसा कासमी, जिला अध्यक्ष मौलाना मोहम्मद गुलफाम मजाहिरी, जिला महासचिव मौलाना सरताज मजाहिरी, मौलाना फरीद अहमद मजाहिरी और मौलाना एहसानुल हक कासमी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।


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