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हरियाणा: देवी भागवत कथा के पाँचवें दिन शिव-पार्वती विवाह प्रसंग की भावपूर्ण व्याख्या

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हरियाणा  Published by: Ritesh , Date: 06/02/2026 05:46:39 pm Share:
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  • 06/02/2026 05:46:39 pm
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संक्षेप

हरियाणा: दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से महाजन धर्मशाला में आयोजित सात दिवसीय श्री देवी भागवत कथा के पाँचवें दिनआध्यात्मिक चर्चा और भक्ति का विशेष प्रवाह देखने को मिला।

विस्तार

हरियाणा: दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से महाजन धर्मशाला में आयोजित सात दिवसीय श्री देवी भागवत कथा के पाँचवें दिनआध्यात्मिक चर्चा और भक्ति का विशेष प्रवाह देखने को मिला। कथा के पंचम दिवस का शुभारंभ मुख्य यजमान परिवारों द्वारा वेदमंत्रों के उच्चारण के बीच सामूहिक पूजन व दीप प्रज्ज्वलन से हुआ।पाँचवें दिन की पूजा में मुख्य यजमान के रूप में श्री अश्विनी गोयल अपनी धर्मपत्नी सरला एवं सुपुत्री सिमरन के साथ सम्मिलित हुए। इनके साथ ही श्री चरण दास चन्नी ने अपनी धर्मपत्नी के साथ पूजन किया।दीप प्रज्ज्वलन की गरिमामयी रस्म में क्षेत्र की प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया, जिनमें:श्री नितिन गर्ग (MC, मंडी कालावाली),श्री सुरेश सिंगला (रेंटी) - चेयरमैन DAV स्कूल, प्रधान गौशाला एवं प्रधान रामबाग,श्री नरेश सिंगला (पूर्व वाइस चेयरमैन, मार्केट कमेटी),श्री टीशू जी (प्रधान) अपनी धर्मपत्नी लीना गुप्ता जी के साथ,डॉ. राज कुमार गर्ग (रोहतक बवासीर हॉस्पिटल),श्री सालासर धाम टोला मंडी कालावाली से श्री पिंटू गुप्ता (प्रधान), श्री हरीश बांसल एवं श्री लक्की बांसल,श्री अमरजीत जी बांसल (खाटू श्याम जी मंदिर) शामिल थे।पूजन के पश्चात सर्व श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या साध्वी भद्रा भारती जी ने कथा के मर्म को समझाते हुए 'माँ पार्वती' के तप और 'शिव-पार्वती विवाह' के पावन प्रसंग की व्याख्या की। साध्वी जी ने बताया कि:माँ पार्वती का दृढ़ संकल्प और कठोर तप इस बात का प्रतीक है कि यदि साधक के मन में अटूट श्रद्धा हो, तो वह ईश्वर को प्राप्त कर सकता है। शिव और शक्ति का मिलन वास्तव में आत्मा का परमात्मा से मिलन है, जो केवल पूर्ण सतगुरु द्वारा प्रदान किए गए 'ब्रह्मज्ञान' के माध्यम से ही संभव है।"साध्वी जी ने आगे कहा कि भक्ति का मार्ग ही जीवन की समस्याओं का एकमात्र समाधान है। सुमधुर भजनों पर उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर होकर झूमने लगे। कथा के अंत में सामूहिक आरती की गई और भक्तों के बीच भारी मात्रा में प्रसाद वितरित किया गया।