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मध्य प्रदेश: जनसुनवाई के दौरान 177 आवेदकों ने रखीं समस्याएं, कलेक्टर ने अधिकारियों को त्वरित समाधान के दिए निर्देश
- Photo by : SOCIAL MEDIA
विस्तार
मध्य प्रदेश: बालाघाट जिले में मंगलवार को आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। कलेक्टर मृणाल मीना की अध्यक्षता में आयोजित इस जनसुनवाई में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, अपर कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों की शिकायतें सुनीं। इस दौरान कुल 177 आवेदकों ने विभिन्न विभागों से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए आवेदन प्रस्तुत किए। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को सभी मामलों का त्वरित और नियमानुसार निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में सबसे प्रमुख शिकायत किरनापुर तहसील के बेलगांव निवासी फगनी दशमेर की रही। उन्होंने आरोप लगाया कि पड़ोसियों द्वारा नाली बंद कर देने से उनके घर के सामने बारिश का पानी जमा हो रहा है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। कलेक्टर ने इस मामले में तहसीलदार किरनापुर को तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके अलावा बालाघाट निवासी संजय राव ने श्रम आयुक्त के आदेश के बावजूद औद्योगिक विवाद के तहत मिलने वाली 2.50 लाख रुपये की राशि का भुगतान नहीं होने की शिकायत दर्ज कराई। वहीं विजय पटले ने अपने पुत्र का सांदीपनी विद्यालय में प्रवेश दिलाने की मांग रखी। दोनों मामलों में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जनसुनवाई के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना, भूमि रिकॉर्ड में सुधार, विद्युत व्यवस्था, तालाब पट्टा नवीनीकरण, रुका हुआ वेतन, लाइनमैन की नियुक्ति, जल निकासी, स्वच्छता और शिक्षा से जुड़े कई मामलों पर भी सुनवाई हुई। अधिकारियों को सभी शिकायतों की जांच कर समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इसी क्रम में वारासिवनी क्षेत्र की सावन बाई बघेले सहित कई महिलाओं ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामपायली में कार्यरत कर्मचारी ने तीन माह का लंबित वेतन जारी कराने की गुहार लगाई। स्कूल के पास फैली गंदगी, भूमि विवाद और ग्राम पंचायतों से जुड़ी अन्य शिकायतों पर भी प्रशासन ने गंभीरता दिखाई। कलेक्टर मृणाल मीना ने कहा कि जनसुनवाई का उद्देश्य लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना और प्रशासन को आमजन के प्रति अधिक जवाबदेह बनाना है। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करें और शिकायतकर्ताओं को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। प्रशासन ने लोगों से भविष्य में भी जनसुनवाई के माध्यम से अपनी समस्याएं रखने की अपील की है।