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राजस्थान: सांख्यिकी दिवस पर कार्यशाला का हुआ आयोजन, आंकड़ों के महत्व और उपयोगिता पर हुआ मंथन

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राजस्थान  Published by: Pramod Kumar Bansal , Date: 30/06/2026 11:21:30 am Share:
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  • 30/06/2026 11:21:30 am
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राजस्थान: कोटपूतली महान सांख्यिकीविद् प्रो. प्रशांत चन्द्र महालनोबिस के आर्थिक नियोजन एवं सांख्यिकी विकास के क्षेत्र में दिए गए योगदान की स्मृति में सोमवार को 20वां जिला स्तरीय सांख्यिकी दिवस आयोजित किया गया। “Unlocking the Potential of Administrative Data” थीम पर आयोजित इस कार्यशाला का शुभारंभ एडीएम ओमप्रकाश सहारण ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, सांख्यिकी कर्मियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एडीएम ओमप्रकाश सहारण ने कहा कि सांख्यिकी केवल आंकड़ों का संग्रह मात्र नहीं है, बल्कि यह आंकड़ों को उपयोगी जानकारी में बदलकर सटीक निर्णय लेने, प्रभावी नीतियों के निर्माण तथा भविष्य की योजनाएं तैयार करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में शासन, व्यवसाय, विज्ञान और सामाजिक विकास जैसे विभिन्न क्षेत्रों में सांख्यिकी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। सांख्यिकी जटिल एवं बिखरे हुए आंकड़ों को सरल और व्यवस्थित स्वरूप प्रदान करती है, जिससे प्रशासनिक और व्यक्तिगत स्तर पर बेहतर निर्णय लेने में सहायता मिलती है। उन्होंने कहा कि सरकारें जनसंख्या, गरीबी, बेरोजगारी और अन्य सामाजिक-आर्थिक आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं तैयार करती हैं। आंकड़ों के सही उपयोग से अस्पताल, विद्यालय, सड़क और अन्य विकास कार्यों की बेहतर योजना बनाई जा सकती है। इसके अलावा बाजार के रुझानों, उपभोक्ताओं की मांग और विभिन्न गतिविधियों का विश्लेषण कर जोखिमों को कम करने तथा बेहतर परिणाम प्राप्त करने में भी सांख्यिकी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

कार्यशाला में उप निदेशक आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग बाबूलाल बैरवा ने सांख्यिकी दिवस की थीम और प्रशासनिक आंकड़ों के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने पंच गौरव कार्यक्रम, एसडीजी तथा विभागीय सांख्यिकी गतिविधियों के बारे में बताते हुए प्रशासनिक आंकड़ों के बेहतर उपयोग पर जोर दिया। मुख्य आयोजना अधिकारी मेघा भट्ट ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि सांख्यिकी दिवस मनाने का उद्देश्य आमजन और विभिन्न विभागों में सांख्यिकी के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक आंकड़ों के समुचित उपयोग से योजनाओं की प्रभावशीलता, पारदर्शिता और बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सकता है। इस दौरान पावटा के ब्लॉक सांख्यिकी अधिकारी दलीप सिंह ने जनआधार योजना पर विस्तृत जानकारी दी, जबकि सहायक सांख्यिकी अधिकारी विशंभर दयाल गुर्जर ने प्रो. प्रशांत चन्द्र महालनोबिस के जीवन और सांख्यिकी क्षेत्र में उनके योगदान पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में बहरोड़ के ब्लॉक सांख्यिकी अधिकारी अखिल गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी, ब्लॉक सांख्यिकी कार्यालयों के कार्मिक एवं अन्य विभागीय कर्मचारी उपस्थित रहे।
 

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