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उत्तर प्रदेश: नाली विवाद में घायल पत्रकार अग्निवेश सिंह की मौत, जांच जारी
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संक्षेप
उत्तर प्रदेश: गोरखपुर बांसगांव क्षेत्र में नाली विवाद के दौरान गंभीर रूप से घायल हुए अग्निवेश सिंह की इलाज के दौरान मौत हो जाने से पूरे जनपद में शोक और आक्रोश की लहर दौड़ गई।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: गोरखपुर बांसगांव क्षेत्र में नाली विवाद के दौरान गंभीर रूप से घायल हुए अग्निवेश सिंह की इलाज के दौरान मौत हो जाने से पूरे जनपद में शोक और आक्रोश की लहर दौड़ गई। वे गोरखपुर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब के आजीवन सदस्य थे। उनके निधन की सूचना मिलते ही सैकड़ों की संख्या में पत्रकार जिला अस्पताल परिसर पहुंच गए और पूरे घटनाक्रम की विधिक प्रक्रिया पर स्वयं निगरानी रखने लगे। जिला अस्पताल में देर रात से ही पत्रकारों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया था। माहौल गमगीन होने के साथ-साथ आक्रोशपूर्ण भी था। पत्रकारों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई की मांग की। प्रेस क्लब के अध्यक्ष ओंकार धर द्विवेदी, उपाध्यक्ष धनेश, मंत्री पंकज श्रीवास्तव, संयुक्त मंत्री महेंद्र गौड़, कोषाध्यक्ष दुर्गेश यादव, सदस्य डॉ. मनोज कुमार मिश्रा, रजनीश त्रिपाठी सहित मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति के अध्यक्ष अरविंद राय, पूर्व अध्यक्ष रितेश मिश्रा, वरिष्ठ पत्रकार टी.पी. शाही, रामचंद्र शाही, राजू सैनी, राजेश कुमार, शिवहर्ष द्विवेदी, प्रिंस पांडेय, वेद पाठक, निखलेश प्रताप समेत बड़ी संख्या में पत्रकार मौके पर मौजूद रहे। पत्रकारों की उपस्थिति में मृतक अग्निवेश सिंह के शव का विधिवत पंचनामा कराया गया। इसके बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज भेजा गया। पत्रकार प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) से मुलाकात कर पोस्टमार्टम प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से कराने और विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम गठित करने की मांग की। प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लेते हुए मेडिकल टीम का गठन किया।
पूर्व शिकायतों की अनदेखी पर नाराजगी पत्रकारों का आरोप है कि मृतक द्वारा पूर्व में स्थानीय प्रशासन को दिए गए प्रार्थना पत्रों और शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई। यदि शिकायतों को गंभीरता से लिया जाता, तो संभवतः यह घटना टल सकती थी। पत्रकार समाज ने मांग की है कि घटना की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। नामजद आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। शिकायतों पर कार्रवाई न करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच हो। पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और सुरक्षा प्रदान की जाए। आंदोलन की चेतावनी पत्रकारों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि दोषियों के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो वे चरणबद्ध आंदोलन करने को बाध्य होंगे। उनका कहना है कि यह सिर्फ एक पत्रकार की हत्या नहीं, बल्कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है। इस दुखद घटना से पूरे पत्रकार जगत में शोक की लहर है। साथी पत्रकारों ने अग्निवेश सिंह को निर्भीक, सक्रिय और जनसरोकारों से जुड़े पत्रकार के रूप में याद किया। उनके असामयिक निधन से मीडिया जगत को अपूरणीय क्षति हुई है।
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