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गुजरात: पर्टी विवाद ने लिया खतरनाक मोड़, भाई ने दी जान से मारने की धमकी, पुलिस सतर्क

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गुजरात  Published by: Rajput Ranjeet , Date: 30/04/2026 10:27:55 am Share:
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  • 30/04/2026 10:27:55 am
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विस्तार

गुजरात: प्रॉपर्टी मेटाड मई भाई भाई लड़ाई उनके पिता प्रॉपर्टी अलग नहीं करते हैं नाम शिवशंकर सिंह उनका एके बेटा अमर सिंह जान के मारने का फैसला बोला है पुलिस का बोल तय है डर नहीं है गरीब कर रे गोरखपुर यूपी हाउस गोलाबाजार गोरखाभाइयों के बीच प्रॉपर्टी या जमीन का विवाद एक आम पारिवारिक समस्या है, जो अक्सर आपसी सहमति के अभाव, कागजी कार्यवाही में कमी या लालच के कारण होती है। सर्वोच्च न्यायालय के फैसलों के अनुसार, हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम के तहत पुश्तैनी संपत्ति में सभी सह-उत्तराधिकारियों का बराबर का हक होता है। 

प्रॉपर्टी विवाद के मुख्य कारण:

अस्पष्ट बंटवारा: जमीन का आपसी सहमति से बंटवारा तो हो जाता है, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड (दाखिल-खारिज/नामांतरण) में बदलाव नहीं कराया जाता, जिससे भविष्य में एक भाई दूसरे का हिस्सा कब्जाने की कोशिश करता है। 

पैतृक संपत्ति बेचना: बिना अन्य भाइयों की अनुमति के पुश्तैनी संपत्ति बेचना गैरकानूनी है, जिसे कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है। 

पिता के नाम पर जमीन: भाइयों के बीच बंटवारे के बावजूद जमीन का पिता के नाम पर ही दर्ज रहना, जिससे बाद में भाई हिस्सेदारी की मांग करते हैं।
 
विवाद सुलझाने के कानूनी और व्यावहारिक तरीके:

पार्टीशन डीड: यदि आपसी सहमति है, तो स्टांप पेपर पर पार्टिशन डीड तैयार कराएं, जिसमें सभी भाइयों का हिस्सा स्पष्ट हो और उस पर सबके हस्ताक्षर हों। 

बंटवारे का मुकदमा: यदि कोई भाई समझौता करने को तैयार नहीं है, तो सिविल कोर्ट में बंटवारे का मुकदमा (Partition Suit) दायर किया जा सकता है। 

एसडीएम के पास शिकायत: कृषि भूमि के मामले में, भाई के कब्जा करने पर उपखंड अधिकारी (SDO) या तहसीलदार के पास आवेदन किया जा सकता है।

कानूनी नोटिस: यदि कोई भाई गलत तरीके से पैतृक संपत्ति पर कब्जा कर रहा है, तो वकील के माध्यम से कानूनी नोटिस भेजा जा सकता है। 

महत्वपूर्ण कानूनी बिंदु:

पैतृक संपत्ति में बेटियों का भी भाइयों के बराबर ही हक होता है।
यदि कोई भाई, दूसरे भाई के हिस्से की जमीन पर कब्जा करके टैक्स भरता है, तो भी दूसरे भाई का कानूनी हक खत्म नहीं होता है, लेकिन उसे जल्द ही दावा करना चाहिए।गोरखपुर भारत निविदा लाइन समाचार