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उत्तर प्रदेश: समर कैंप के दौरान खिलाड़ियों ने किया नालंदा विश्वविद्यालय का किया भ्रमण

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उत्तर प्रदेश  Published by: Amarjeet Yadav , Date: 30/06/2026 04:10:42 pm Share:
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  • 30/06/2026 04:10:42 pm
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उत्तर प्रदेश: समस्तीपुर बाबू केदारनाथ स्मारक जन सेवा संस्थान द्वारा संचालित भगत सिंह खेल अकादमी, निजामाबाद के कुश्ती बालक एवं बालिका खिलाड़ियों का 15 दिवसीय “खेल खिलाड़ी संकल्प जागरूकता अभियान” समर कैंप इन दिनों बिहार के समस्तीपुर जिले में आयोजित किया जा रहा है। यह शिविर सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं खेल प्रेमी डॉ. सरोज सिन्हा के मार्गदर्शन तथा भगत सिंह खेल अकादमी के संस्थापक एवं राष्ट्रीय पहलवान अमरजीत यादव के नेतृत्व में संचालित हो रहा है। शिविर के अंतर्गत खिलाड़ियों के लिए दो दिवसीय शैक्षणिक एवं ऐतिहासिक भ्रमण कार्यक्रम भी निर्धारित किया गया, जिसके तहत खिलाड़ियों ने विश्व प्रसिद्ध एवं गौरवशाली नालंदा विश्वविद्यालय के भग्नावशेषों का भ्रमण किया। खिलाड़ियों ने वहां पहुंचकर देश की ऐतिहासिक धरोहर को नजदीक से देखा, समझा और भारत की प्राचीन शिक्षा व्यवस्था एवं गौरवशाली इतिहास को जानने का प्रयास किया।

इस अवसर पर राष्ट्रीय पहलवान अमरजीत यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश से बिहार आकर समर कैंप आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य देश की सबसे प्राचीन खेल विधा कुश्ती को बढ़ावा देना तथा खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करना है। उन्होंने कहा कि एक खिलाड़ी के भीतर हर परिस्थिति में संघर्ष करने की क्षमता, अनुशासन और नियमित कार्यशैली विकसित होती है, जिससे उसमें देशभक्ति और स्वाभिमान की भावना मजबूत होती है। डॉ. सरोज सिन्हा ने कहा कि उत्तर प्रदेश और हरियाणा की तर्ज पर बिहार में भी बालकों के साथ-साथ बालिकाओं को कुश्ती कला में प्रशिक्षित कर आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि समस्तीपुर में चल रहे इस समर कैंप में बालिकाओं की कुश्ती प्रतिभा को देखकर क्षेत्र की कई अन्य बालिकाएं भी प्रशिक्षण से जुड़ रही हैं। उन्होंने कहा कि शिविर में लगातार बड़ी संख्या में बच्चे और युवा भाग ले रहे हैं तथा क्षेत्र के लोग भी खिलाड़ियों की कुश्ती कला देखने के लिए उत्साहपूर्वक पहुंच रहे हैं। खिलाड़ियों ने नालंदा विश्वविद्यालय के अवशेषों को देखकर गौरव महसूस किया और कहा कि हजारों वर्ष पहले भी भारत विश्व को शिक्षा, शांति और अनुशासन का संदेश देता रहा है। इस दौरान शिवशंकर राय, धर्मांश रंजन, शैलेन्द्र, ललित, रामजी राज सहित कई लोगों ने खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और शिविर संचालन में सहयोग प्रदान किया।