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गुजरात: सशक्त समाज संगठन के लिए गलत के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी

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गुजरात  Published by: Rajput Ranjeet , Date: 18/02/2026 11:13:08 am Share:
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  • 18/02/2026 11:13:08 am
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संक्षेप

गुजरात: न्याय एवं अधिकार समिति राजपूत रणजीत जिला सचिव कलोल गांधीनगर गुजरात समाज सेवा संगठन को मजबूत बनाना है, तो सर्वप्रथम गलत के खिलाफ आवाज उठाना सीखिए क्योंकि हमको समाज सेवा नहीं समाज सुधारक बनना है। 

विस्तार

गुजरात: न्याय एवं अधिकार समिति राजपूत रणजीत जिला सचिव कलोल गांधीनगर गुजरात समाज सेवा संगठन को मजबूत बनाना है, तो सर्वप्रथम गलत के खिलाफ आवाज उठाना सीखिए क्योंकि हमको समाज सेवा नहीं समाज सुधारक बनना है। यह कथन एक सशक्त संगठन के निर्माण के लिए अत्यंत सटीक है। संगठन की मजबूती उसके सदस्यों की ईमानदारी, वैचारिक स्पष्टता (विचार), आचरण (आचार) और दृढ़ता पर टिकी होती है, न कि केवल संख्या पर। जब हम गलत के खिलाफ आवाज उठाते हैं, तो हम संगठन में मौजूद खामियों को दूर करते हैं, जिससे एक स्वच्छ और मजबूत तंत्र बनता है। गलत के खिलाफ आवाज उठाना (सुधारक की भूमिका): समाज सेवा हमें लोगों की सहायता करना सिखाती है, लेकिन समाज सुधारक बनना हमें समाज में मौजूद बुराइयों की जड़ें काटने के लिए प्रेरित करता है। संगठन का मजबूतीकरण: जब संगठन का हर व्यक्ति अनुशासित हो और गलत काम करने या उसे बढ़ावा देने वालों के खिलाफ हो, तभी वह वास्तव में सशक्त होता है। वैचारिक स्पष्टता केवल आर्थिक बल ही नहीं, बल्कि मनुष्य बल और मानसिक बल (विचारधारा) संगठन को नई ऊंचाइयों पर ले जाते हैं। क्रियान्वयन सामाजिक कुरीतियों या संगठन के भीतर की गलत प्रवृत्तियों को दूर करने के लिए सक्रिय होना ही सच्चा सुधारक का काम है।