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मध्य प्रदेश: सेमलाया हत्याकांड का 24 घंटे में हुआ खुलासा, 5 आरोपी गिरफ्तार

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मध्य प्रदेश  Published by: Mehbub Khan , Date: 18/02/2026 04:56:18 pm Share:
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  • 18/02/2026 04:56:18 pm
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संक्षेप

मध्य प्रदेश: थाना आंबुआ पुलिस ने तत्परता और सूक्ष्म अनुसंधान से ग्राम सेमलाया में हुई जघन्य हत्या के मामले का पर्दाफाश किया है।

विस्तार

मध्य प्रदेश: थाना आंबुआ पुलिस ने तत्परता और सूक्ष्म अनुसंधान से ग्राम सेमलाया में हुई जघन्य हत्या के मामले का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने महज 24 घंटों के भीतर घटना में संलिप्त घटना के अज्ञात 05 आरोपियों को ज्ञात कर गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। दिनांक 15.02.2026 को ग्राम चौकीदार के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि थाना आंबुआ क्षेत्रान्‍तर्गत ग्राम सेमलाया में 'गाड़ी उतार खोदरी' कच्चे रास्ते के किनारे एक संदिग्ध पोटली पड़ी है, जिससे रक्त स्राव हो रहा है। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए आंबुआ पुलिस टीम ने मौके पर पहुँचकर पोटली खोली, जिसमें एक अज्ञात पुरुष का शव बरामद हुआ। मृतक के गले, छाती, पीठ और पैरों पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए। प्रारंभिक तौर पर उक्‍त घटना पर थाना आंबुआ में मर्ग क्रमांक 12/2026 दर्ज कर जांच शुरू की गई ओर जांच के दौरान अज्ञात लाश के संबंध मे आसपास के गांव के लोगों से पूछताछ करते मृतक की पहचान दुलेसिंह पिता रतनसिंह चौहान (उम्र 30 वर्ष), निवासी मोटा उमर के रूप में हुई। मर्ग जांच में स्पष्ट हुआ कि अज्ञात आरोपियों ने साक्ष्य छुपाने की नियत से हत्या कर शव को प्लास्टिक की पल्ली में बांधकर फेंका था। जिस पर अज्ञात आरोपी के अपराध क्रमांक 44/2026, धारा 103(1), 238(क), 3(5) बी.एन.एस. के तहत मामला पंजीबद्ध कर अनुसंधान किया गया।

 

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अलीराजपुर श्री रघुवंशसिंह के निर्देशन एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (एसडीओपी) जोबट, श्री रविन्द्र राठी के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी आंबुआ, उप निरीक्षक मोहन डावर के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। गठित टीम द्वारा तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की सहायता से गहन अनुसंधान किया गया। जांच में यह तथ्य प्रकाश में आया कि मृतक दुलेसिंह का मुख्य आरोपी जांगू की पत्नी के साथ प्रेम प्रसंग था। इसी रंजिश के चलते दिनांक 14 फरवरी की रात्रि को आरोपियों ने षड्यंत्र रचकर मृतक को सुनसान स्थान पर बुलाया। वहां सीमेंट की ईंटों से प्राणघातक वार कर उसकी हत्या कर दी और साक्ष्य मिटाने हेतु शव को पोटली में बांधकर करीब 2 किमी दूर फेंक दिया था। उक्त अंधे कत्ल के खुलासे और आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी में थाना प्रभारी मोहन डावर, सउनि विजय, सउनि कालुसिंह अलावा, सउनि देवीसिंह नायक, प्रआर भूरसिंह, प्रआर अमरसिंह, प्रआर श्यामप्रसाद, प्रआर सावित्री, आर राकेश, आर गिरधारी, आर मनोज, आर अरूण, आर जयराम, आर दिलीप, आर दिनेश एवं मआर मनीषा का विशेष एवं सराहनीय योगदान रहा।