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राजस्थान: सीए परीक्षा में आशुतोष मित्तल का कमाल, ऑल इंडिया 16वीं रैंक से बढ़ाया क्षेत्र का मान

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राजस्थान  Published by: Pramod Kumar Bansal , Date: 20/06/2026 11:27:23 am Share:
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  • 20/06/2026 11:27:23 am
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संक्षेप

राजस्थान: अगर हौसले बुलंद हों और इरादे पक्के, तो संसाधनों की कमी कभी सफलता का रास्ता नहीं रोक सकती।

विस्तार

राजस्थान: अगर हौसले बुलंद हों और इरादे पक्के, तो संसाधनों की कमी कभी सफलता का रास्ता नहीं रोक सकती। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है ग्राम सुदरपुरा ढ़ाढ़ा के महज 22 वर्षीय युवा आशुतोष मित्तल ने। आशुतोष ने अखिल भारतीय स्तर की चार्टर्ड अकाउंटेंट सीए परीक्षा में ऑल इंडिया में 16 वीं रैंक हांसिल कर ना केवल अपने माता-पिता का सिर गर्व से ऊंचा किया है, बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम देश भर में रोशन कर दिया है। कड़े संघर्ष से मिली बड़ी कामयाबी आशुतोष वर्तमान में अपने परिवार के साथ कोटा में रह रहे हैं, लेकिन उनका लगाव आज भी अपने गांव और क्षेत्र से विशेष रूप से है। आशुतोष ने इस बेहद कठिन परीक्षा में 600 अंकों में से 438 अंक प्राप्त कर यह ऐतिहासिक सफलता दर्ज की है। जैसे ही परीक्षा के परिणाम घोषित हुए और आशुतोष की 16 वीं रैंक की खबर उनके गांव पहुंची तो वहां जश्न का माहौल हो गया। परिजनों और ग्रामीणों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशियां बांटीं।

सफलता के पीछे परिवार का संबल आशुतोष अपनी इस अभूतपूर्व सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और भाईयों के निरंतर सहयोग और मार्गदर्शन को देते हैं। उनके पिता हंसराज मित्तल और माता संतोष मित्तल ने आशुतोष की पढ़ाई में कभी कोई कमी नहीं आने दी और हमेशा उनका हांसला बढ़ाया। इस सफर में आशुतोष को अपने बड़े भाई एवं भाजपा नेता दिनेश मित्तल, युवा उद्यमी संजय मित्तल और दिल्ली भाजपा प्रदेश महामंत्री विष्णु मित्तल का भी भरपूर साथ मिला, जिन्होंने हर मोड़ पर उसका मार्गदर्शन किया और पढ़ाई के लिए एक सकारात्मक व तनाव मुक्त माहौल तैयार किया। उनके भाइयों का कहना है कि आशुतोष बचपन से ही पढ़ाई में कुशाग्र था। उसने दिन-रात एक करके यह मुकाम हांसिल किया है। आज हमें आशुतोष पर बहुत गर्व है। 

युवाओं के लिए बने प्रेरणा स्त्रोत महज 22 साल की उम्र में ऑल इंडिया स्तर पर टॉप 20 में जगह बनाना यह साबित करता है कि अटूट एकाग्रता, सही रणनीति और कड़ी मेहनत से किसी भी कठिन लक्ष्य को पाया जा सकता है। आशुतोष की यह सफलता आज के उन तमाम युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है जो ग्रामीण और सीमित संसाधनों के बीच रहकर बड़े सपने देखते हैं। 

रोजाना 13 से 14 घंटे की पढ़ाई आशुतोष ने अपनी सफलता की रणनीति साझा करते हुए बताया कि उन्होंने विभिन्न फैकल्टीज से ऑनलाईन कोचिंग लेने के साथ ही स्टडी लीव के दौरान रोजाना 13 से 14 घंटे पढ़ाई की और पूरा फोकस रिवीजन पर रखा। आशुतोष की सफलता पर ताऊ बिहारी लाल मित्तल, ताई सावित्री मित्तल, भाजपा नेता दिनेश मित्तल, युवा उद्यमी संजय मित्तल, दिल्ली भाजपा के प्रदेश महामंत्री सीए विष्णु मित्तल, समाजसेवी सीताराम अग्रवाल नारेहड़ा और युवा उद्यमी आनंद मित्तल सहित बड़ी संख्या में शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई व शुभकामनाएं दीं।