Contact for Advertisement 9919916171


राजस्थान: सीताराम मंदिर में तीन दिवसीय सामूहिक एकादशी उद्यापन कार्यक्रम सम्पन्न, धर्म व सनातन संस्कृति संरक्षण का दिया संदेश

- Photo by : social media

राजस्थान  Published by: Pramod Kumar Bansal , Date: 27/06/2026 01:47:56 pm Share:
  • राजस्थान
  • Published by: Pramod Kumar Bansal ,
  • Date:
  • 27/06/2026 01:47:56 pm
Share:

संक्षेप

राजस्थान: कोटपूतली निकटवर्ती ग्राम चतुर्भुज के सीताराम मंदिर में महंत रामरतन दास महाराज के सानिध्य में आयोजित तीन दिवसीय सामूहिक एकादशी उद्यापन कार्यक्रम शुक्रवार को धार्मिक अनुष्ठानों एवं संत सम्मेलन के साथ सम्पन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्म लाभ अर्जित किया।

विस्तार

राजस्थान: कोटपूतली निकटवर्ती ग्राम चतुर्भुज के सीताराम मंदिर में महंत रामरतन दास महाराज के सानिध्य में आयोजित तीन दिवसीय सामूहिक एकादशी उद्यापन कार्यक्रम शुक्रवार को धार्मिक अनुष्ठानों एवं संत सम्मेलन के साथ सम्पन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्म लाभ अर्जित किया। कार्यक्रम की शुरुआत बुधवार को अखंड श्रीरामचरितमानस पाठ से हुई। गुरुवार को विधि-विधान से हवन एवं एकादशी व्रत कथा का आयोजन किया गया। शुक्रवार प्रातः भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसके पश्चात वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ की पूर्णाहुति संपन्न हुई। दोपहर में आयोजित नेहड़ा कार्यक्रम में कलाकारों ने पौराणिक कथाओं पर आधारित  प्रस्तुतियां देकर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। कार्यक्रम के मुख्य यजमान मूलचंद रावत, झाबरमल, तेजराम गुर्जर सहित 55 महिलाओं ने सामूहिक रूप से एकादशी उद्यापन कर धार्मिक अनुष्ठान सम्पन्न किये। कार्यक्रम के दौरान पं. किशनलाल शर्मा ने वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना एवं अनुष्ठान संपन्न करवाया। कार्यक्रम में आयोजित भण्डारें में श्रद्धालुओं ने पंगत प्रसादी ग्रहण की। संचालन चन्द्रशेखर शर्मा ने किया। इस दौरान आयोजित संत सम्मेलन में महामंडलेष्वर किशनदास, रतिरामदास खेड़ा निहालपुरा, कृष्णदास, रामदास लीलका धाम, ओमकारदास, शत्रुघन दास, मोहनदास, गुरूदास, लक्ष्मणदास, पुरणदास, सीतारामदास, प्रकाशदास, प्रेमदास, हरिदास तथा रामेष्वरदास महाराज सहित अनेक संत-महात्माओं ने धर्म, सेवा और सनातन संस्कृति के संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं ने संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया।