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उत्तर प्रदेश: इंटरलॉकिंग कार्य में अनियमितता के लगे आरोप, ग्रामीणों ने उठाई जांच की मांग

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उत्तर प्रदेश  Published by: Indresh Kumar Pandey , Date: 16/06/2026 04:28:59 pm Share:
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  • 16/06/2026 04:28:59 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: सोनभद्र जनपद के विकास खण्ड कोन अंतर्गत जिला पंचायत क्षेत्र कचनरवा में चल रहे इंटरलॉकिंग कार्य को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: सोनभद्र जनपद के विकास खण्ड कोन अंतर्गत जिला पंचायत क्षेत्र कचनरवा में चल रहे इंटरलॉकिंग कार्य को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। मामला कामेश्वर जायसवाल के घर से पांडु नदी तक लगभग 300 मीटर लंबी सड़क पर कराए जा रहे इंटरलॉकिंग निर्माण से जुड़ा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कार्य मानक के विपरीत और गुणवत्ता विहीन तरीके से कराया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों के अनुसार, इंटरलॉकिंग कार्य जिला पंचायत मद से शुरू तो किया गया, लेकिन ठेकेदार की मिलीभगत से निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। आरोप है कि निर्माण के दौरान न तो निर्धारित मानक के अनुसार गिट्टी का उपयोग किया जा रहा है और न ही उचित मात्रा में बालू डाली जा रही है। इसके बजाय बिना गिट्टी डाले ही सीमेंटेड ईंटों का प्रयोग किया जा रहा है, जिससे सड़क की मजबूती पर सवाल खड़े हो गए हैं।

इसके अलावा स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि साइड वाल का निर्माण भी घटिया सामग्री, विशेषकर भस्सी (मिट्टी मिश्रित सामग्री) से किया जा रहा है, जो तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं है और भविष्य में सड़क की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है। मौके पर मौजूद जेई प्रदीप यादव तथा स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति में कार्य की गुणवत्ता की जांच की गई, जिसमें निर्माण को मानकों के विपरीत पाया गया। जांच के बाद जेई प्रदीप यादव ने संबंधित ठेकेदार को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि कार्य को गुणवत्तापूर्ण तरीके से दोबारा कराया जाए और जहां आवश्यक हो वहां पहले से लगाए गए इंटरलॉकिंग ईंटों को हटाकर पुनः मानक के अनुसार निर्माण किया जाए।

इस घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं अपर मुख्य अधिकारी (जिला पंचायत) का ध्यान आकृष्ट कराते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई तो सरकारी धन का दुरुपयोग जारी रहेगा और निर्माण कार्य पूरी तरह असफल साबित हो सकता है।इस मौके पर कामेश्वर जायसवाल, अजय जायसवाल, सुनील जायसवाल, विनय, संतोष जायसवाल, जगदीश शर्मा सहित कई स्थानीय लोग उपस्थित रहे। वहीं अपर मुख्य अधिकारी (जिला पंचायत) ने कहा है कि मामले की जांच कराई जाएगी और यदि अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।