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उत्तर प्रदेश: ब्रह्माकुमारीज ने दादी हृदयमोहिनी जी का पांचवां स्मृति दिवस “दिव्यता दिवस” के रूप में मनाया

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उत्तर प्रदेश  Published by: Ghanshyam Das , Date: 12/03/2026 12:50:57 pm Share:
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  • 12/03/2026 12:50:57 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: रामपुर मनिहारान प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय के रामपुर मनिहारान सेवा केंद्र पर राजयोगिनी दादी हृदयमोहिनी जी के पांचवें स्मृति दिवस को “दिव्यता दिवस” के रूप में श्रद्धा, योग-साधना और आध्यात्मिक भावनाओं के साथ मनाया गया।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: रामपुर मनिहारान प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय के रामपुर मनिहारान सेवा केंद्र पर राजयोगिनी दादी हृदयमोहिनी जी के पांचवें स्मृति दिवस को “दिव्यता दिवस” के रूप में श्रद्धा, योग-साधना और आध्यात्मिक भावनाओं के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाई-बहनों व नगर के गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लेकर दादी जी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम का शुभारंभ ईश्वरीय स्मृति और राजयोग ध्यान से हुआ। इस अवसर पर सेवा केंद्र प्रभारी बीके संतोष दीदी ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में राजयोगिनी दादी हृदयमोहिनी जी के जीवन परिचय पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जन्म 1 जुलाई 1921 को हुआ था। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन ईश्वर की स्मृति, आध्यात्मिक सेवा और मानव कल्याण के लिए समर्पित कर दिया। दादी जी ने ब्रह्माकुमारीज संस्था के माध्यम से लाखों लोगों को राजयोग का मार्ग दिखाकर शांति, प्रेम और सकारात्मक जीवन जीने की प्रेरणा दी। 11 मार्च 2021 को उन्होंने देह त्याग कर ईश्वरीय धाम की यात्रा की, लेकिन उनके दिव्य संस्कार और शिक्षाएं आज भी सभी के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए हैं। इस अवसर पर सरिता बहन और संगीता बहन ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि दादी हृदयमोहिनी जी का जीवन सादगी, सेवा और आध्यात्मिकता की अद्भुत मिसाल है। हमें उनके दिखाए मार्ग पर चलकर अपने जीवन को श्रेष्ठ बनाना चाहिए।


कार्यक्रम में नगर के कई गणमान्य व्यक्ति एवं भाई-बहन उपस्थित रहे, जिनमें जगपाल भाई जी, सुरेश भाई जी, आत्माराम जी, राजकुमार जी, सुरेश चौधरी, जितेंद्र प्रधान जी, सुभाष शर्मा जी, पवन रोहिल्ला, कमलेश माता जी, नीरज बहन, कान्ता माता जी तथा विशेष रूप से सुशील भाई सहित अनेक भाई-बहनों की उपस्थिति रही। सभी ने मिलकर योग-साधना कर दादी जी को श्रद्धासुमन अर्पित किए। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित भाई-बहनों ने मौन रखकर राजयोगिनी दादी हृदयमोहिनी जी को श्रद्धांजलि दी और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।