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उत्तर प्रदेश: सोनभद्र में शिक्षा व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल, स्कूल से गायब मिले प्रभारी शिक्षक
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संक्षेप
उत्तर प्रदेश: सोनभद्र जिले के शिक्षा क्षेत्र कोन अंतर्गत ग्राम पंचायत पीपरखाड़ के प्राथमिक विद्यालय गिजिनियादामर में शिक्षा व्यवस्था की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: सोनभद्र जिले के शिक्षा क्षेत्र कोन अंतर्गत ग्राम पंचायत पीपरखाड़ के प्राथमिक विद्यालय गिजिनियादामर में शिक्षा व्यवस्था की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। गुरुवार सुबह लगभग 8:16 बजे विद्यालय परिसर में बच्चे खेलते हुए दिखाई दिए, जबकि विद्यालय में कोई शिक्षक मौजूद नहीं था। बच्चों से पूछताछ करने पर पता चला कि प्रभारी प्रधानाध्यापक विद्यालय में उपस्थित नहीं हैं और वे महीने में कभी-कभार ही स्कूल आते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार विद्यालय में पढ़ाई व्यवस्था लंबे समय से प्रभावित है। ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित शिक्षक पर ब्लॉक स्तर के अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। ग्रामीणों का कहना है कि प्रदेश सरकार जहां बच्चों को बेहतर शिक्षा देने और कोई बच्चा अशिक्षित न रहे इसके लिए लगातार प्रयास कर रही है, वहीं जमीनी स्तर पर हालात बिल्कुल अलग नजर आ रहे हैं। सूत्रों का दावा है कि संबंधित शिक्षक विद्यालय समय में अन्य कार्यालयों में देखे जाते हैं। क्षेत्र में ऐसे कई शिक्षक बताए जा रहे हैं जो निर्धारित समय पर विद्यालय नहीं पहुंचते, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि ब्लॉक स्तर के अधिकारी जांच और कार्रवाई के नाम पर चुप्पी साध लेते हैं तथा शिकायतों को निराधार बताकर पल्ला झाड़ लेते हैं। मौके पर मौजूद ग्राम प्रधान संजय पासवान ने भी प्रभारी शिक्षक के विद्यालय से अनुपस्थित रहने की बात स्वीकार की। उन्होंने शिक्षा विभाग से मांग की कि सभी अध्यापक समय से विद्यालय पहुंचे ताकि गरीब और आदिवासी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। उन्होंने कहा कि बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ग्राम प्रधान ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि लापरवाह शिक्षकों पर कार्रवाई नहीं हुई तो ऐसे शिक्षकों को हटाकर नए अध्यापकों की नियुक्ति की जाए, जिससे विद्यालय में नियमित पठन-पाठन सुनिश्चित हो सके। वहीं प्रभारी प्रधानाध्यापक का पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी कोन विश्वजीत कुमार से भी संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। मामले पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सोनभद्र ने फोन पर बताया कि पूरे प्रकरण की जांच कर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। अब देखना होगा कि प्रशासनिक कार्रवाई के बाद बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल पाएगी या मामला केवल कागजों तक ही सीमित रह जाएगा।
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