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दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध दिवस पर केंद्र सरकार का संदेश, नशामुक्त समाज निर्माण के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी

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दिल्ली  Published by: Rajput Ranjeet , Date: 27/06/2026 01:31:54 pm Share:
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संक्षेप

दिल्ली: प्रत्येक वर्ष 26 जून को अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध दिवस (International Day Against Drug Abuse and Illicit Trafficking) मनाया जाता है।

विस्तार

दिल्ली: प्रत्येक वर्ष 26 जून को अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध दिवस (International Day Against Drug Abuse and Illicit Trafficking) मनाया जाता है। इस अवसर पर भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय ने नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ सशक्त कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर देते हुए नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प दोहराया। मंत्रालय ने कहा कि नशे की समस्या केवल स्वास्थ्य का विषय नहीं है, बल्कि यह सामाजिक, आर्थिक और कानूनी चुनौतियों से भी जुड़ी हुई है, जिससे निपटने के लिए व्यापक जनजागरूकता और सामूहिक भागीदारी आवश्यक है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा समर्थित इस दिवस का मुख्य उद्देश्य दुनियाभर में नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ जागरूकता फैलाना है। इसके माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा, मानवाधिकारों और समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि नशे की लत युवाओं के भविष्य को प्रभावित करती है और समाज में अपराध तथा मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को बढ़ावा देती है।

भारत सरकार का विधि एवं न्याय मंत्रालय इस दिशा में कानूनी और नीतिगत स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत विधि कार्य विभाग (Department of Legal Affairs) नशे से संबंधित कानूनों, कानूनी प्रावधानों और नीतियों की व्याख्या एवं क्रियान्वयन में सहयोग प्रदान करता है। विभाग यह सुनिश्चित करने का प्रयास करता है कि नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी और दुरुपयोग पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।

इसके साथ ही सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित “नशा मुक्त भारत अभियान” (NMBA) भी देशभर में व्यापक स्तर पर चलाया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से युवाओं, स्कूलों, कॉलेजों और विभिन्न समुदायों में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाई जा रही है। अभियान का उद्देश्य लोगों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना और पुनर्वास सेवाओं की जानकारी उपलब्ध कराना है। सरकार और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने लोगों से अपील की है कि वे नशामुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं। विशेषज्ञों के अनुसार, परिवार, शिक्षण संस्थान और समाज यदि मिलकर प्रयास करें, तो नशे जैसी गंभीर समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।