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झारखण्ड: पेपर लीक और बेरोजगारी पर कांग्रेस का केंद्र सरकार पर बड़ा हमला

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झारखण्ड  Published by: Arun Kumar Ravi , Date: 27/06/2026 04:39:47 pm Share:
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  • 27/06/2026 04:39:47 pm
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झारखण्ड: गढ़वा में कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में सोमवार को गढ़वा परिसदन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कांग्रेस नेताओं ने देश में लगातार हो रहे पेपर लीक, बढ़ती बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था की बदहाली को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग की गई। संवाददाता सम्मेलन को प्रदेश सचिव सह प्रदेश प्रवक्ता ऋषीकेश सिंह, प्रदेश प्रवक्ता मृदुल राज, गढ़वा जिला कांग्रेस अध्यक्ष ओबैदुल्लाह हक अंसारी, सुरेंद्रनाथ तिवारी एवं सुधीर कुमार चंद्रवंशी ने संयुक्त रूप से संबोधित किया। प्रदेश प्रवक्ता ऋषीकेश सिंह ने कहा कि वर्ष 2014 से 2024 के बीच देशभर में करीब 89 पेपर लीक के मामले सामने आए, जिसके चलते 48 परीक्षाएं दोबारा आयोजित करनी पड़ीं। उन्होंने दावा किया कि पिछले पांच वर्षों में 15 राज्यों में 41 पेपर लीक की घटनाओं से लगभग 1.4 करोड़ अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि इनमें अधिकांश युवा ऐसे थे, जो करीब एक लाख सरकारी पदों के लिए वर्षों से तैयारी कर रहे थे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम-2024 लागू किए जाने के बावजूद राजस्थान सहित कई राज्यों में पेपर लीक की घटनाएं लगातार जारी हैं, जिससे स्पष्ट है कि केवल कानून बनाने से व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ है।

प्रदेश प्रवक्ता मृदुल राज ने कहा कि देश की प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं से एक करोड़ से अधिक छात्र प्रभावित हुए हैं। उन्होंने बताया कि नीट यूजी-2026 परीक्षा में करीब 24 लाख अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ और मामला सीबीआई जांच तथा सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया। वहीं यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती-2024 परीक्षा का प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद परीक्षा रद्द करनी पड़ी, जिससे 48 लाख अभ्यर्थियों को दोबारा परीक्षा देनी पड़ी। उन्होंने कहा कि सीटेट-2021 पेपर लीक से 28 लाख से अधिक अभ्यर्थी प्रभावित हुए, जबकि यूजीसी नेट-2024 परीक्षा अगले ही दिन रद्द करनी पड़ी, जिससे 11 लाख से अधिक छात्रों को परेशानी उठानी पड़ी। कांग्रेस नेताओं ने रोजगार के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि सरकार के अपने आंकड़ों के अनुसार 1 मार्च 2023 तक केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में 9 लाख 64 हजार 359 पद रिक्त पड़े थे। वहीं 1 जुलाई 2024 तक केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में 84 हजार 106 पद खाली थे। रेलवे भर्ती का उदाहरण देते हुए वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 2004 से 2014 के बीच 4.11 लाख नियुक्तियां हुई थीं, जबकि 2014 से 2024 के बीच यह संख्या केवल 5.02 लाख तक पहुंच सकी, जबकि नौकरी के लिए आवेदन करने वाले युवाओं की संख्या करोड़ों में पहुंच गई है।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बेरोजगारी की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। उनके अनुसार 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं में बेरोजगारी दर सामान्य स्थिति में 10.2 प्रतिशत तथा साप्ताहिक आधार पर 13.8 प्रतिशत है। वहीं माध्यमिक या उससे अधिक शिक्षित युवाओं में बेरोजगारी दर 6.5 प्रतिशत दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था की अव्यवस्था का सबसे गंभीर असर छात्रों की मानसिक स्थिति पर पड़ रहा है। वर्ष 2022 में देशभर में आत्महत्या करने वालों में करीब 13 हजार छात्र शामिल थे, जो कुल आत्महत्याओं का 7.6 प्रतिशत है। कांग्रेस नेताओं ने कोटा, त्रिशूर और चेन्नई जैसे प्रमुख कोचिंग केंद्रों में बढ़ती छात्र आत्महत्या की घटनाओं पर भी चिंता जताई। कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार से शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार, शिक्षा बजट में बढ़ोतरी, खाली सरकारी पदों पर शीघ्र नियुक्ति और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने की मांग की। संवाददाता सम्मेलन में जिला उपाध्यक्ष त्रिपुरारी सिंह, जिला महासचिव योगेंद्रनाथ चौबे, बृजेंद्र चौधरी, सुनील कालिया, अक्षय राम, क्यामुद्दीन अंसारी, नसीम अंसारी, जवाहर चौधरी, सचिन शर्मा सहित कांग्रेस के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।