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झारखण्ड: कस्तूरबा गांधी एवं बालिका आवासीय विद्यालय में नामांकन प्रक्रिया शुरू, कई सीटें अब भी है रिक्त

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झारखण्ड  Published by: Arun Kumar Ravi , Date: 24/06/2026 06:06:32 pm Share:
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  • Published by: Arun Kumar Ravi ,
  • Date:
  • 24/06/2026 06:06:32 pm
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संक्षेप

झारखण्ड: छतरपुर कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय एवं झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय, छतरपुर में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा छह में नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है।

विस्तार

झारखण्ड: छतरपुर कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय एवं झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय, छतरपुर में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा छह में नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। विद्यालय प्रशासन ने क्षेत्र के गरीब, असहाय एवं जरूरतमंद परिवारों की छात्राओं से इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाने की अपील की है। विद्यालय की वार्डेन वेदिका कुमारी ने जानकारी देते हुए बताया कि कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में कक्षा छह के लिए कुल 75 सीटों पर नामांकन होना है। इनमें से अब तक 58 छात्राओं का नामांकन किया जा चुका है, जबकि 17 सीटें अभी भी रिक्त हैं। वहीं झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय में कुल 50 सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया चल रही है, जिनमें से 36 छात्राओं का नामांकन हो चुका है और 14 सीटें अब भी खाली हैं।

उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा संचालित इन आवासीय विद्यालयों का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर, गरीब एवं असहाय परिवारों की बेटियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। विद्यालय में छात्राओं को निःशुल्क शिक्षा के साथ-साथ आवास, भोजन, पुस्तकें, यूनिफॉर्म और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं, ताकि वे बेहतर वातावरण में शिक्षा प्राप्त कर सकें। वार्डेन वेदिका कुमारी ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वे किसी भी प्रकार के बिचौलियों या दलालों के झांसे में न आएं। नामांकन की पूरी प्रक्रिया विद्यालय परिसर में पारदर्शी तरीके से संचालित की जा रही है। इच्छुक अभिभावक सीधे विद्यालय पहुंचकर आवश्यक जानकारी प्राप्त करें और अपनी बेटियों का नामांकन सुनिश्चित कराएं।

विद्यालय प्रशासन का मानना है कि अधिक से अधिक जरूरतमंद छात्राओं को इस योजना से जोड़कर उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाया जा सकता है। साथ ही यह पहल बेटियों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित होगी। स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण और गरीब परिवारों की बेटियों के लिए यह विद्यालय बेहतर शिक्षा और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहे हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि शेष रिक्त सीटों पर भी जल्द नामांकन पूरा हो जाएगा।