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मध्य प्रदेश: करोड़ों की वसूली के आरोपों के बीच बिल्डर पर हुई बड़ी कार्रवाई, 8 दुकानें हुई कुर्क

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मध्य प्रदेश  Published by: Praveem Kumar Dubey , Date: 03/06/2026 03:28:44 pm Share:
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  • 03/06/2026 03:28:44 pm
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संक्षेप

मध्य प्रदेश: भोपाल राजधानी के रासलाखेड़ी स्थित आरआरबी रीगल प्रोजेक्ट (शुभ बिजनेस जोन) के खिलाफ जिला राजस्व प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आठ दुकानों को कुर्क कर सील कर दिया।

विस्तार

मध्य प्रदेश: भोपाल राजधानी के रासलाखेड़ी स्थित आरआरबी रीगल प्रोजेक्ट (शुभ बिजनेस जोन) के खिलाफ जिला राजस्व प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आठ दुकानों को कुर्क कर सील कर दिया। यह कार्रवाई नायब तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट वृत्त-गोविंदपुरा के आदेश पर पुलिस बल और राजस्व अमले की मौजूदगी में की गई। जानकारी के अनुसार प्रोजेक्ट संचालक एवं बिल्डर हर्षवर्धन दीक्षित पर खरीदारों से दुकानों एवं व्यावसायिक इकाइयों के नाम पर करोड़ों रुपये लेने के बावजूद समय पर कब्जा (पजेशन) नहीं देने के आरोप हैं। इस संबंध में पीड़ित पक्ष ने मध्यप्रदेश संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) में शिकायत दर्ज कराई थी।

रेरा द्वारा पारित आदेश के अनुपालन में राजस्व प्रशासन ने ग्राउंड फ्लोर की दुकान क्रमांक 3, 4, 5, 16 और 17 तथा प्रथम तल की दुकान क्रमांक 43, 44 और 45 को कुर्क कर दिया। यह कार्रवाई प्रकरण क्रमांक एनबीपीएल-25-0118 में दिए गए आदेश के तहत की गई। कुर्की की कार्रवाई के लिए नायब तहसीलदार न्यायालय द्वारा नगर पुलिस भोपाल से पुलिस बल उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था। इसके बाद पुलिस, पटवारी, राजस्व निरीक्षक एवं अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में कार्रवाई को अंजाम दिया गया।

पीड़ित खरीदारों का आरोप है कि उन्होंने दुकानों की पूरी राशि का भुगतान कर रजिस्ट्री भी करा ली थी, लेकिन लंबे समय बाद भी उन्हें कब्जा नहीं दिया गया। उनका कहना है कि बिल्डर की ओर से लगातार आश्वासन दिए जाते रहे, जिसके बाद उन्हें न्यायिक प्रक्रिया का सहारा लेना पड़ा। स्थानीय निवेशकों का भी आरोप है कि प्रोजेक्ट में कई लोगों से करोड़ों रुपये वसूले गए, लेकिन तय समय सीमा में निर्माण कार्य और कब्जा उपलब्ध नहीं कराया गया। इससे अनेक खरीदार आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं। राजस्व प्रशासन का कहना है कि न्यायालय और रेरा के आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए यह कार्रवाई की गई है। मामले में आगे की वैधानिक प्रक्रिया नियमानुसार जारी रहेगी। प्रशासन की इस कार्रवाई से अन्य प्रभावित खरीदारों में भी न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।