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 राजस्थान: आर्यवीर दल कोटपूतली का 10 दिवसीय व्यक्तित्व विकास एवं चरित्र निर्माण शिविर हुआ संपन्न

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राजस्थान  Published by: Pramod Kumar Bansal , Date: 27/06/2026 02:16:36 pm Share:
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  • 27/06/2026 02:16:36 pm
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राजस्थान: कोटपूतली ग्राम सितोपसिंहपुरा (पावटा) में आर्यवीर दल कोटपूतली के तत्वावधान में आयोजित प्रथम 10 दिवसीय गैर-आवासीय व्यक्तित्व विकास, संस्कार एवं आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर का गुरुवार को सफल समापन हुआ। 15 जून से 25 जून तक आयोजित इस शिविर का उद्देश्य बच्चों एवं युवाओं में वैदिक संस्कार, अनुशासन, राष्ट्रभक्ति, चरित्र निर्माण, आत्मविश्वास तथा शारीरिक एवं मानसिक विकास को बढ़ावा देना रहा। शिविर के दौरान प्रतिदिन ध्वजारोहण, प्रातःकालीन यज्ञ, वैदिक मंत्रोच्चार, योग एवं प्रार्थना का आयोजन किया गया। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को नैतिक जीवन, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्रसेवा का संदेश दिया गया। शिविर का संचालन आर्य नीतेश एवं योगाचार्य सत्यदेव सोनी द्वारा किया गया।

समापन समारोह में जयपुर से पधारे विशिष्ट अतिथि संभाग संचालक आचार्य सत्यम, उप संभाग संचालक रामकृष्ण शास्त्री तथा जिला संचालक बृजेश आर्य ने विशेष रूप से उपस्थित होकर बच्चों का उत्साहवर्धन किया। इस दौरान प्रशिक्षकों द्वारा बच्चों को लाठी, तलवार, डंबल, लेजियम, योगासन, योगिक क्रियाएं, व्यायाम एवं आत्मरक्षा का विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया। साथ ही वैदिक संस्कारों का व्यावहारिक ज्ञान भी दिया गया। बालकों को प्रशिक्षण देने में शिक्षक केशव आर्य, पारस आर्य, हिमांशु आर्य, कृष्ण आर्य, देवराज आर्य एवं सोनम आर्य की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जबकि बालिकाओं को विशाखा एवं सविता आर्या ने प्रशिक्षित किया। प्रशिक्षकों ने बच्चों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, सेवा भावना, आत्मविश्वास और राष्ट्रभक्ति के संस्कार विकसित करने पर विशेष बल दिया।

समापन समारोह में बच्चों ने दस दिनों में सीखे गए कौशल का प्रभावशाली प्रदर्शन कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम की सफलता में गांव के कार्यकर्ताओं धर्मेंद्र डबास, मेहरचंद, मुकेश फौजी, अरुण, राकेश धनखड़ एवं परविंदर सहित अनेक सहयोगियों का सराहनीय योगदान रहा विशिष्ट अतिथि आचार्य सत्यम ने कहा कि इस प्रकार के शिविर बच्चों के सर्वांगीण विकास, चरित्र निर्माण, आत्मरक्षा कौशल, नेतृत्व क्षमता तथा वैदिक संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि आर्य समाज की स्थापना को 150 वर्ष पूरे हो चुके हैं, लेकिन गांवों तक इस प्रकार की गतिविधियों के पहुंचने में काफी समय लगा है, जबकि इसकी समाज को अत्यंत आवश्यकता है। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे शिविरों के नियमित आयोजन का आह्वान किया।

कार्यक्रम में कोटपूतली आर्य समाज के प्रधान डॉ. हरीश कुमार, मंत्री रमेश कुमार, पूर्व प्रधान रामकुमार, जगदीश आर्य, अशोक आर्य, शेखर आर्य, ताराचंद आर्य तथा बानसूर आर्य समाज के मंत्री कृष्ण कुमार आर्य ने भी बालक-बालिकाओं का मार्गदर्शन किया। नांगल चौधरी से राम सिंह आर्य प्रधान आर्य समाज भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन अशोक आर्य ने किया। समापन वैदिक मंत्रोच्चार, सम्मान समारोह तथा सभी प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य, समाज की उन्नति एवं राष्ट्र की समृद्धि की मंगलकामनाओं के साथ हुआ।