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छत्तीसगढ़: टीबी उन्मूलन अभियान हुआ तेज, 100 दिवसीय दूसरे चरण का हुआ शुभारंभ

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छत्तीसगढ़  Published by: Prabhesh Mishra , Date: 14/04/2026 05:07:22 pm Share:
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  • 14/04/2026 05:07:22 pm
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संक्षेप

छत्तीसगढ़: सूरजपुर "टीबी हारेगा, सूरजपुर जीतेगा" यह महज एक नारा नहीं, बल्कि सूरजपुर जिले का दृढ़ संकल्प बन चुका है।

विस्तार

छत्तीसगढ़: सूरजपुर "टीबी हारेगा, सूरजपुर जीतेगा" यह महज एक नारा नहीं, बल्कि सूरजपुर जिले का दृढ़ संकल्प बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के टीबी मुक्त भारत के स्वप्न को साकार करने की दिशा में सूरजपुर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने एक और निर्णायक कदम उठाया है। 24 मार्च 2026 को विश्व टीबी दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर 100 दिवसीय गहन टीबी उन्मूलन अभियान के दूसरे चरण का शुभारंभ किया गया, जो पहले चरण की उपलब्धियों को नई ऊंचाई पर ले जाने का संकल्प लेकर चल रहा है। कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन के सक्रिय मार्गदर्शन में स्वास्थ्य अमला उन क्षेत्रों तक पहुंच रहा है, जहां टीबी की आहट सबसे ज्यादा सुनाई देती है। खदान प्रभावित इलाके, झुग्गी बस्तियां, सुदूर जनजातीय ग्राम, प्रवासी मजदूरों के ठिकाने और छात्रावास — इन सभी हाई-रिस्क क्षेत्रों में घर-घर स्क्रीनिंग और जागरूकता शिविरों की लगातार श्रृंखला चल रही है। स्थानीय भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तैयार माइक्रो प्लान के जरिए हर संदिग्ध व्यक्ति तक पहुंचना सुनिश्चित किया जा रहा है। ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित करने के लक्ष्य के साथ पंचायत प्रतिनिधियों को भी इस अभियान में सक्रिय भागीदार बनाया जा रहा है।
 

इस बार स्क्रीनिंग में आधुनिक तकनीक की पूरी ताकत झोंकी गई है। एआई आधारित हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनें दूरदराज के गांवों तक पहुंच रही हैं, तो जिला अस्पताल सहित समस्त स्वास्थ्य केंद्रों में मॉलिक्यूलर टेस्टिंग के जरिए संदिग्ध मरीजों की त्वरित एवं अचूक जांच की जा रही है। जहां मशीन पहुंचे, वहां जांच यही इस चरण की मूल भावना है। टीबी से लड़ाई सिर्फ दवाओं से नहीं, पोषण से भी जीती जाती है। इसी सोच के साथ निश्चय पोषण योजना के अंतर्गत प्रत्येक टीबी मरीज को उपचार अवधि में ₹6,000 तक की पोषण सहायता राशि सीधे उनके बैंक खाते में अंतरित की जा रही है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी मरीज दवा लेते हुए भूखे पेट न रहे। इस अभियान की सबसे उजली तस्वीर है। समाज की स्वैच्छिक भागीदारी। सूरजपुर में निश्चय मित्रों की संख्या बढ़कर 113 हो गई है। एसईसीएल, प्रकाश इंडस्ट्रीज और युवा साथी फाउंडेशन के माध्यम से डाबर कंपनी ने सीएसआर के अंतर्गत 211 मरीजों को अतिरिक्त पोषण सहायता प्रदान की है। साधु राम विद्या मंदिर, एसआरपीआर मल्टी स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल और पांडे पैथोलैब सहित 89 निश्चय मित्रों ने 144 मरीजों को गोद लेकर उनकी देखभाल का बीड़ा उठाया है। इसके साथ ही 24 माय भारत वॉलंटियर और एनएसएस के युवा सदस्य निश्चय मित्र बनकर 42 मरीजों को सामाजिक संबल दे रहे हैं। यह आंकड़े बताते हैं कि सूरजपुर में टीबी के विरुद्ध लड़ाई अब केवल सरकार की नहीं पूरे समाज की लड़ाई बन चुकी है।

संख्याओं में लिखी सफलता की कहानी

दिसंबर 2024 में शुरू हुए पहले चरण ने अपनी सार्थकता साबित की। अभियान के दौरान लगभग 1.84 लाख संवेदनशील व्यक्तियों की पहचान की गई। 30,952 जोखिम वाले लोगों की एक्स-रे स्क्रीनिंग हुई, जिनमें 1,256 के सीने का एक्स-रे असामान्य पाए जाने पर मॉलिक्यूलर टेस्ट कराया गया। टीबी के स्पष्ट लक्षण वाले 9,127 लोगों का सीधे मॉलिक्यूलर परीक्षण किया गया। इस व्यापक प्रयास के परिणामस्वरूप 627 नए मरीज चिन्हांकित कर उनका तत्काल उपचार जिला क्षय उन्मूलन केंद्र से प्रारंभ किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जिलेवासियों से भावपूर्ण अपील की है — यदि आपको या आपके परिजन को दो सप्ताह से अधिक समय से खांसी, लगातार बुखार या अकारण वजन घटने जैसे लक्षण दिख रहे हों, तो बिना देर किए नजदीकी आयुष्मान आरोग्य मंदिर या स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचें। जांच पूरी तरह निःशुल्क है और इलाज भी सरकार द्वारा मुफ्त दिया जाता है।