-
☰
मध्य प्रदेश: सर्वोच्च न्यायालय और अनिश्चितता: क्या यही है न्याय की समयबद्धता?
- Photo by :
संक्षेप
मध्य प्रदेश: भारत का सर्वोच्च न्यायालय देश की न्याय व्यवस्था का सर्वोच्च स्तंभ है। यहीं से पूरे देश के लिए कानून की दिशा तय होती है, और यही संस्था सभी न्यायालयों के लिए आदर्श मानी जाती है।
विस्तार
मध्य प्रदेश: भारत का सर्वोच्च न्यायालय देश की न्याय व्यवस्था का सर्वोच्च स्तंभ है। यहीं से पूरे देश के लिए कानून की दिशा तय होती है, और यही संस्था सभी न्यायालयों के लिए आदर्श मानी जाती है। लेकिन जब इसी सर्वोच्च संस्था की प्रक्रिया में अनिश्चितता (Uncertainty) दिखे, तो सवाल उठना स्वाभाविक है। समस्या क्या है? दिनांक 16.04.2026 के मामलों की सूची (Cause List) 5.04.2026 की शाम 8 बजे तक भी निश्चित नहीं— कौन सा मामला लगेगा? किस बेंच के सामने लगेगा? तो यह पूरी व्यवस्था आर्थिक, मानसिक और समय की भारी क्षति बन जाती है।
सुनवाई होगी या नहीं? यह अनिश्चितता केवल एक प्रशासनिक कमी नहीं, बल्कि
न्याय पाने के अधिकार पर सीधा प्रभाव है। आम पक्षकार की कठिनाई देश के अलग-अलग राज्यों से पक्षकारों को दिल्ली आना पड़ता है ट्रेन/फ्लाइट की अग्रिम बुकिंग करनी होती है
होटल, वकील, दस्तावेज—all pre-arranged लेकिन जब अंतिम समय तक यह तय न हो कि मामला लगेगा या नहीं,
गंभीर प्रश्न क्या यह स्थिति “न्याय में देरी = न्याय से वंचित करना” (Justice delayed is justice denied) का उदाहरण नहीं? क्या सर्वोच्च न्यायालय, जो अन्य संस्थाओं को समयसीमा का पालन सिखाता है, खुद इससे मुक्त रह सकता है? क्या Registry की कार्यप्रणाली में जवाबदेही (Accountability) तय नहीं होनी चाहिए? संवैधानिक दृष्टिकोण भारतीय संविधान का मूल उद्देश्य है— न्याय (Justice) समानता (Equality) निष्पक्षता (Fairness) लेकिन प्रक्रिया में अनिश्चितता इन मूल सिद्धांतों को कमजोर करती है। समाधान क्या हो सकता है Cause List को कम से कम 48–72 घंटे पहले अंतिम रूप से जारी किया जाए Registry में डिजिटल और ऑटोमेटेड सिस्टम लागू हो अचानक बदलाव की स्थिति में SMS / Email अलर्ट सिस्टम अनावश्यक लिस्टिंग/डीलिस्टिंग पर जवाबदेही तय हो सर्वोच्च न्यायालय केवल निर्णय देने वाली संस्था नहीं,
बल्कि पूरे देश के लिए प्रशासनिक आदर्श (Administrative Model) भी है।
यदि वहीं अनिश्चितता होगी, तो नीचे की व्यवस्था पर उसका नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
छत्तीसगढ़: पीएम आवास योजना की सख्त समीक्षा, लापरवाही पर कार्रवाई तेज
हरियाणा: जिला स्तरीय कार्यक्रम में मुख्या मंत्री सैनी रहे मौजूद, स्वच्छता अभियान पर दिया गया जोर
छत्तीसगढ़: नवोदय विद्यालय का 100% रिजल्ट, 81 में से सभी विद्यार्थी पास
मध्य प्रदेश: निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ युवा कांग्रेस ने सौंपा ज्ञापन, सख्त कार्रवाई की मांग
छत्तीसगढ़: मनरेगा की बड़ी सफलता, पनारी नाले से गांव में लौटी खुशहाली
उत्तर प्रदेश: सीबीएसई बोर्ड में 98% रिजल्ट लेकर आरोही मौर्या बनी भदोही की नई टॉपर