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राजस्थान: सात दिवसीय बगलामुखी राष्ट्र रक्षा महायज्ञ का हुआ आयोजन, सैकड़ों श्रद्धालु की उमड़ी भीड़ 

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राजस्थान  Published by: Shahihurehman , Date: 20/05/2026 04:45:30 pm Share:
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  • 20/05/2026 04:45:30 pm
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संक्षेप

राजस्थान: टोंक मां बगलामुखी अनुष्ठान सेवा समिति मालेगांव एवं एकता मंडल सटाणा नाका मालेगांव के संयुक्त तत्वावधान में सात दिवसीय “शिवशक्ति साम्राज्य लक्ष्मी अनुष्ठान एवं बगलामुखी राष्ट्र रक्षा महायज्ञ” का भव्य आयोजन किया जा रहा है।

विस्तार

राजस्थान: टोंक मां बगलामुखी अनुष्ठान सेवा समिति मालेगांव एवं एकता मंडल सटाणा नाका मालेगांव के संयुक्त तत्वावधान में सात दिवसीय “शिवशक्ति साम्राज्य लक्ष्मी अनुष्ठान एवं बगलामुखी राष्ट्र रक्षा महायज्ञ” का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह धार्मिक कार्यक्रम 18 मई से प्रारंभ होकर 24 मई तक चलेगा, जिसमें प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेकर धर्मलाभ प्राप्त कर रहे हैं।

कार्यक्रम के दौरान सदगुरू आश्रम टोंक के संस्थापक सदगुरू पंडित राजकुमार शर्मा ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि जिस राष्ट्र के युवा अपने इतिहास को याद रखते हैं, उसे कोई भी शक्ति पराजित नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म केवल एक आस्था नहीं, बल्कि भारत की पहचान और उसकी सांस्कृतिक आत्मा है। पंडित शर्मा ने राष्ट्र की सुरक्षा को लेकर कहा कि केवल सीमाओं पर तैनात सैनिक ही नहीं, बल्कि समाज में संस्कार और नैतिक मूल्य भी देश की सबसे बड़ी रक्षा पंक्ति हैं।

अपने प्रवचनों में उन्होंने युवाओं को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज के समय में सोशल मीडिया, फिल्मों और पश्चिमी संस्कृति के प्रभाव में युवा त्वरित निर्णय ले रहे हैं, जिससे पारिवारिक स्थिरता प्रभावित हो रही है। उन्होंने प्रेम विवाह के विषय में कहा कि विवाह केवल दो व्यक्तियों का संबंध नहीं, बल्कि दो परिवारों, संस्कृतियों और परंपराओं का मिलन है। जब विवाह में परिवारों की सहमति और संस्कार शामिल होते हैं, तभी वह दीर्घकाल तक सफल रहता है।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रेम एक पवित्र भावना है, लेकिन जब यह केवल आकर्षण, जिद और स्वार्थ तक सीमित हो जाता है तो रिश्तों में टूटन आ जाती है। सनातन धर्म प्रेम को रोकता नहीं है, बल्कि उसे मर्यादा और संस्कार के साथ जीने की शिक्षा देता है।

आयोजन के दौरान प्रतिदिन 51 जोड़े हवन कुंड में विश्व शांति और मानव कल्याण के लिए आहुतियां दे रहे हैं। महायज्ञ में देश-विदेश सहित सैकड़ों श्रद्धालु नियमित रूप से पहुंचकर भाग ले रहे हैं। आयोजन स्थल पर दिव्य दरबार भी लगाया जा रहा है, जहां पंडित राजकुमार शर्मा श्रद्धालुओं की समस्याओं का समाधान और मार्गदर्शन कर रहे हैं।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक विषयों पर भी विचार-विमर्श किया जा रहा है। आयोजन समिति के अनुसार यह महायज्ञ सामूहिक चेतना, राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक मूल्यों के संवर्धन का माध्यम बन रहा है।