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उत्तर प्रदेश: खिलाड़ियों ने कवि सम्राट अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ को दी श्रद्धांजलि
 

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उत्तर प्रदेश  Published by: Amarjeet Yadav , Date: 16/03/2026 04:06:30 pm Share:
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  • 16/03/2026 04:06:30 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: सोमवार को बाबू केदारनाथ स्मारक जन सेवा संस्थान द्वारा संचालित भगत सिंह खेल अकादमी के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय पहलवान अमरजीत यादव के नेतृत्व में हिंदी खडी बोली के जनक कवि सम्राट अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔध जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनकी कृतियों पर चर्चा करते हुए हरिऔध जी द्वारा आजीवन हिंदी साहित्य के समर्पण के बारे में खिलाड़ियों को अमरजीत यादव ने अवगत कराते हुए कहा कि जिस भी क्षेत्र में रहिए उसमें सबसे आगे जाने का प्रयास करिए अमरजीत यादव ने कहा कि अयोध्या सिंह उपाध्याय जी अपने संघर्ष और संकल्प के बल पर हिन्दी साहित्य में अपनी अलग पहचान बनाई लेकिन आज तक निजामाबाद में हरिऔध जी की जन्मस्थली खण्ड हर में तब्दील है।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: सोमवार को बाबू केदारनाथ स्मारक जन सेवा संस्थान द्वारा संचालित भगत सिंह खेल अकादमी के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय पहलवान अमरजीत यादव के नेतृत्व में हिंदी खडी बोली के जनक कवि सम्राट अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔध जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनकी कृतियों पर चर्चा करते हुए हरिऔध जी द्वारा आजीवन हिंदी साहित्य के समर्पण के बारे में खिलाड़ियों को अमरजीत यादव ने अवगत कराते हुए कहा कि जिस भी क्षेत्र में रहिए उसमें सबसे आगे जाने का प्रयास करिए अमरजीत यादव ने कहा कि अयोध्या सिंह उपाध्याय जी अपने संघर्ष और संकल्प के बल पर हिन्दी साहित्य में अपनी अलग पहचान बनाई लेकिन आज तक निजामाबाद में हरिऔध जी की जन्मस्थली खण्ड हर में तब्दील है उसकी बात करने वाला कोई नहीं है। नगर के एक तरफ हरिऔध जी की प्रतिमा लगी है।

 

वह भी उपेक्षा का शिकार हैं कवि सम्राट जी ने खडी बोली की रचना कर पूरब से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण तक के लोगों को एक सूत्र में पिरोने का प्रयास किया अमरजीत यादव ने कहा कि महापुरुषों की इतनी बड़ी उपेक्षा सिस्टम पर सवाल खड़ा करती है कि जिन लोगों ने देश व साहित्य समाज के लिए पूरा जीवन समर्पित कर दिया आज तक यह समाज उनके सम्मान में एक स्मारक तथा पुस्तकालय तक नहीं बनवा पाया कैसे संभव होगा देश का विकास व महापुरुषों का सम्मान अमरजीत यादव ने कहा कि उनकी जन्मस्थली पर हरिऔध स्मारक तथा नगर में एक बड़ा पुस्तकालय होना चाहिए जहां पर उनकी रचनाओं का संग्रह किया जा सके ताकि युवा पीढ़ी इससे प्रेरणा लेकर हिन्दी के क्षेत्र में और आगे काम कर सके इस अवसर पर अरविंद यादव प्रवंधक अभिनव पब्लिक स्कूल हंशराज चन्द्र देव डा आदित्य सिंह रामप्रवेश मिथिलेश मनोज पांडेय चन्द्रशेखर संतोष जियालाल तथा अन्य सम्मानित क्षेत्रवासी एवं खिलाड़ी उपस्थित रहे।