Contact for Advertisement 9919916171


उत्तर प्रदेश: तेजस्वी किसान मार्ट से राष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़ेंगे ओडिशा के एफपीओ, चार राज्यों में स्थापित हुए 10 स्टोर

- Photo by : social media

उत्तर प्रदेश  Published by: Indresh Kumar Pandey , Date: 04/11/2026 03:29:32 pm Share:
  • उत्तर प्रदेश
  • Published by: Indresh Kumar Pandey ,
  • Date:
  • 04/11/2026 03:29:32 pm
Share:

संक्षेप

उत्तर प्रदेश: सोनभद्र लखनऊ किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ/एफपीसी) को व्यावसायिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और किसानों को उत्पादन से लेकर विपणन तक बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में तेजस्वी किसान मार्ट ने पहल की है।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: सोनभद्र लखनऊ किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ/एफपीसी) को व्यावसायिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और किसानों को उत्पादन से लेकर विपणन तक बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में तेजस्वी किसान मार्ट ने पहल की है। तेजस्वी संगठन न्यास के मार्गदर्शन में संचालित इस नेटवर्क के माध्यम से अब ओडिशा के किसान उत्पादक संगठनों को राष्ट्रीय व्यावसायिक नेटवर्क से जोड़ने की योजना बनाई जा रही है। इसी क्रम में ओडिशा के विभिन्न जिलों के एफपीओ प्रतिनिधियों, निदेशकों, मुख्य कार्यकारी अधिकारियों, किसान उद्यमियों और कृषि विशेषज्ञों की ऑनलाइन संगोष्ठी आयोजित की गई।

संगोष्ठी में सोनभद्र निवासी एवं तेजस्वी संगठन न्यास तथा तेजस्वी किसान मार्ट के संस्थापक ई. प्रकाश पाण्डेय ने एफपीओ के व्यावसायिक विकास, उत्पाद प्रसंस्करण, ब्रांडिंग, बाजार उपलब्धता, वितरण व्यवस्था और राष्ट्रीय स्तर पर सामूहिक व्यापार की कार्ययोजना प्रस्तुत की।

चार राज्यों में 10 स्टोर, 8 हजार से अधिक एफपीओ से नेटवर्क

ई. प्रकाश पाण्डेय ने बताया कि तेजस्वी किसान मार्ट की पायलट परियोजना के तहत करीब एक वर्ष में चार राज्यों में 10 स्टोर फ्रेंचाइजी स्थापित की जा चुकी हैं। इसके साथ ही देशभर के 8,000 से अधिक एफपीओ/एफपीसी के साथ नेटवर्क कनेक्टिविटी विकसित की गई है। अब इस नेटवर्क को वास्तविक व्यावसायिक गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि गांव, ब्लॉक, तहसील, जिला, क्षेत्रीय और प्रादेशिक स्तर पर किसान मार्ट स्टोर फ्रेंचाइजी स्थापित करने की योजना है। इसके लिए प्रत्येक जिले में एसोसिएट संस्थानों, डिस्ट्रीब्यूटरों, व्यावसायिक सहयोगियों और स्वयंसेवकों का नेटवर्क तैयार किया जाएगा। इससे एफपीओ, एफपीसी, स्वयं सहायता समूहों और किसान उद्यमियों को स्थानीय उत्पादों की खरीद-बिक्री, कृषि निवेश सामग्री की आपूर्ति और बाजार से सीधे जुड़ने में मदद मिलेगी।

12 दिवसीय प्रशिक्षण के बाद 12 महीने तक मिलेगा मार्गदर्शन

संगोष्ठी में एफपीसी टर्नअराउंड कार्यक्रम की जानकारी भी दी गई। इसके तहत 12 दिवसीय प्रशिक्षण के बाद अगले 12 महीनों तक जमीनी स्तर पर कार्ययोजना लागू कराने के लिए मार्गदर्शन दिया जाएगा। प्रशिक्षण में एफपीसी के अध्यक्ष, निदेशक मंडल, सीईओ और टीम को व्यवसाय संचालन, सामूहिक खरीद-बिक्री, उत्पाद चयन, ब्रांड निर्माण, खरीदारों से संपर्क, बाजार विस्तार और नियमित आय के स्रोत विकसित करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

ई. प्रकाश पाण्डेय ने कहा कि एफपीसी का उद्देश्य केवल पंजीकरण कराने या सरकारी योजनाओं का लाभ लेने तक सीमित नहीं होना चाहिए। प्रत्येक कंपनी को अपना व्यवसाय, ब्रांड और बाजार विकसित करना होगा। इसके लिए बोर्ड की सक्रियता, नियमित बैठकें, सामूहिक निर्णय और व्यावसायिक गतिविधियों का धरातल पर क्रियान्वयन जरूरी है।

कृषि विशेषज्ञों और एफपीओ प्रतिनिधियों ने साझा किए अनुभव

कार्यक्रम में ऑर्गोनैक्स्ट लाइफ साइंस प्राइवेट लिमिटेड के महाप्रबंधक अखिलेश शुक्ला ने कृषि उद्योग और एफपीओ के बीच व्यावसायिक सहयोग की संभावनाओं पर विचार रखे। वहीं, कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक देवाशीष ने वैज्ञानिक खेती, गुणवत्तापूर्ण उत्पादन और किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के महत्व पर प्रकाश डाला।

ओडिशा के विभिन्न जिलों से आए एफपीओ प्रतिनिधियों ने भी अपनी गतिविधियों और अनुभवों को साझा किया। इनमें बालासोर की बालीपाल जूट फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के सीईओ बिस्मय कुमार साहू, केंझुआर की मा थनापति एफपीसीएल के अनंत चरण नाथ, नयागढ़ के सीएससी ओडागांव एफपीओ के सीईओ चिरंजीवी भुइयां, रायगढ़ा की गुनूपुर फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के जस्तिया टैगोर चौधरी, बरगढ़ की उत्तलगढ़ एफपीसी के क्षीरोदरा पाधान और गंजम की नंदिसुरावी फार्मर्स प्रोड्यूसर्स कंपनी लिमिटेड के सिधेश्वर पाणिग्राही सहित कई प्रतिनिधि शामिल रहे।

संगोष्ठी में सब्जी, सहजन, कटहल, टमाटर, वर्मीकम्पोस्ट, मूंग दाल प्रसंस्करण, दाल और धान के व्यापार तथा कृषि निवेश सामग्री, बीज, उर्वरक एवं जैव उर्वरक की आपूर्ति से जुड़ी गतिविधियों पर भी चर्चा हुई। रंकादेउली एफपीसीएल, रानापुर के छटिया प्रधान ने वर्मीकम्पोस्ट और मूंग दाल प्रसंस्करण इकाई की जानकारी दी, जबकि क्रूसी विकास एफपीसी, केंद्रपाड़ा के ट्रैलोक्य मोहपात्रा ने दाल एवं धान व्यापार से संबंधित अनुभव साझा किए।

सहयोग के माध्यम से राष्ट्रीय बाजार से जुड़ने पर जोर

संगोष्ठी में इस बात पर जोर दिया गया कि प्रत्येक एफपीसी अपने क्षेत्र के विशिष्ट कृषि उत्पादों के आधार पर अपना ब्रांड और बाजार विकसित करे। एफपीओ के बीच प्रतिस्पर्धा के बजाय आपसी सहयोग को बढ़ावा देने और राष्ट्रीय नेटवर्क के माध्यम से खरीदारों, आपूर्तिकर्ताओं, उद्योगों, वितरकों तथा स्टोर फ्रेंचाइजी से जुड़कर व्यापार का विस्तार करने की बात कही गई।

तेजस्वी किसान मार्ट का उद्देश्य किसानों को केवल उत्पादक तक सीमित न रखकर उत्पादन, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग, विपणन और वितरण व्यवस्था में सक्रिय व्यावसायिक भागीदार बनाना है। इस पहल के जरिए ओडिशा के एफपीओ को राष्ट्रीय नेटवर्क से जोड़ने और स्थानीय कृषि उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

तेजस्वी किसान मार्ट ने 'हर गांव में किसान मार्ट, हर किसान बनेगा व्यापारी और हर एफपीसी का होगा अपना ब्रांड और अपना बाजार' का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम का आयोजन एवं ऑनलाइन संगोष्ठी की मेजबानी तेजस्वी किसान मार्ट की ओर से की गई।