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उत्तर प्रदेश: गौ संरक्षण पर हुई समीक्षा बैठक, सहभागिता योजना को मिलेगा विस्तार
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संक्षेप
उत्तर प्रदेश: मीरजापुर जनपद में निराश्रित एवं असहाय गौवंश के संरक्षण, संवर्धन और समुचित देखभाल को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: मीरजापुर जनपद में निराश्रित एवं असहाय गौवंश के संरक्षण, संवर्धन और समुचित देखभाल को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। अष्टभुजा निरीक्षण गृह में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में राज्य गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश कुमार शुक्ल एवं सदस्य दीपक गोयल ने जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ योजनाओं की गहन समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में गौशालाओं की स्थिति सुधारने, पशुओं के लिए बेहतर आहार, स्वच्छ पेयजल और समुचित चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। उपाध्यक्ष ने निर्देशित किया कि बीमार गौवंश के लिए अलग कक्ष बनाकर उनका उपचार किया जाए और मोबाइल वेटनरी यूनिट की सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। गौशालाओं में हरियाली बढ़ाने के लिए व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाने और वर्षभर हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके लिए गोचर भूमि पर चारा उत्पादन बढ़ाने के साथ ही किसानों से समन्वय कर लीज पर भूमि लेकर भी चारा उगाने की योजना पर जोर दिया गया। सहभागिता योजना को मिलेगा बढ़ावा बैठक में सहभागिता योजना को और प्रभावी बनाने पर चर्चा हुई। अब तक जनपद में 518 पशुपालकों को 1645 गौवंश सुपुर्द किए जा चुके हैं। इस योजना के तहत प्रति गौवंश प्रतिदिन ₹50 की सहायता दी जाती है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि अधिक से अधिक इच्छुक किसानों और संत समाज को इस योजना से जोड़ा जाए, साथ ही लाभार्थियों का सत्यापन भी सुनिश्चित किया जाए। गौ तस्करी और गौकसी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश पुलिस विभाग को गौ तस्करी और गौकसी पर कड़ी निगरानी रखने तथा दोषियों के खिलाफ गौवध निवारण अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, गौ आश्रय स्थलों का नियमित निरीक्षण करने के लिए संबंधित थानों को भी सक्रिय रहने को कहा गया। बैठक में गौशालाओं में सीसीटीवी, ईयर टैगिंग, भूसा भंडारण गृह, विद्युत व्यवस्था सुधार और हाईवे पर घायल गौवंश के त्वरित उपचार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा की गई। विद्युत विभाग को ढीले तारों और जर्जर पोल को ठीक करने तथा वन एवं उद्यान विभाग को गौशालाओं से गोबर खाद खरीदने के निर्देश दिए गए। जनपद में वर्तमान में 49 गौ आश्रय स्थल संचालित हैं, जिनमें 14,575 गौवंश संरक्षित हैं। जिलाधिकारी ने आश्वस्त किया कि आयोग द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का पूरी तरह पालन कराया जाएगा।
बुनियादी सुविधाओं के सुधार पर भी फोकस
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