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छत्तीसगढ़: ‘वंदे मातरम् 150 वर्ष’ पर राष्ट्रीय संगोष्ठी हुई सम्पन्न

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छत्तीसगढ़  Published by: Prabhesh Mishra , Date: 28/03/2026 05:58:51 pm Share:
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  • 28/03/2026 05:58:51 pm
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संक्षेप

छत्तीसगढ़: सूरजपुर शासकीय नवीन कन्या महाविद्यालय सूरजपुर एवं पंडित रविशंकर त्रिपाठी शासकीय महाविद्यालय भैयाथान के संयुक्त तत्वावधान में उच्च शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रायोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का सफल आयोजन 27 मार्च को मंगल भवन, सूरजपुर में किया गया।

विस्तार

छत्तीसगढ़: सूरजपुर शासकीय नवीन कन्या महाविद्यालय सूरजपुर एवं पंडित रविशंकर त्रिपाठी शासकीय महाविद्यालय भैयाथान के संयुक्त तत्वावधान में उच्च शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रायोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का सफल आयोजन 27 मार्च को मंगल भवन, सूरजपुर में किया गया। संगोष्ठी का विषय था — "वन्दे मातरम् 150 वर्ष : इतिहास, साहित्य, संगीत एवं राजनीति का संगम"। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना एवं राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के गायन से हुआ, जिसके पश्चात छात्र-छात्राओं ने स्वागत गीत एवं नृत्य प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया। संगोष्ठी में सम्मानित अतिथि के रूप में डॉ. गोवर्धन यदु, संचालक, छत्तीसगढ़ राज्य हिंदी ग्रंथ अकादमी एवं सहायक संचालक, उच्च शिक्षा विभाग; प्रो. अनिल कुमार सिन्हा, प्राचार्य, राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अंबिकापुर; तथा प्रो. एच. एन. दुबे, प्राचार्य, शासकीय रेवती रमण मिश्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय सूरजपुर की गरिमामयी उपस्थिति रही।


प्राचार्य श्री बृजलाल साहू ने स्वागत उद्बोधन दिया। संगोष्ठी के समन्वयक श्री संदीप कुमार सोनी ने आयोजन के उद्देश्यों एवं महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. सचिन कुमार मंदिलवार, वरिष्ठ सहायक प्राध्यापक, इतिहास विभाग, मगध विश्वविद्यालय बोधगया (बिहार) ने अपने व्याख्यान से उपस्थित जनों को वंदे मातरम् के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व से अवगत कराया। आमंत्रित वक्ताओं के रूप में डॉ. रामकिंकर पाण्डेय, प्राचार्य, शासकीय नवीन कन्या महाविद्यालय मनेंद्रगढ़ एवं डॉ. अजय पाल सिंह, सहायक प्राध्यापक, राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अंबिकापुर ने संगोष्ठी विषय के विविध आयामों पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विद्वानों एवं शोधार्थियों के शोध सारांश की स्मारिका का विमोचन सम्मानित अतिथियों के करकमलों द्वारा किया गया। कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. धनंजय पाण्डेय, सहायक प्राध्यापक एवं श्रीमती हूमी सिंह, अतिथि व्याख्याता द्वारा किया गया। अंत में श्री दिग्विजय सिंह, सहायक प्राध्यापक ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विभिन्न महाविद्यालयों से आए प्राध्यापक, शोधार्थी, छात्र-छात्राएं एवं गणमान्य अतिथि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।