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हरियाणा: ग्रामीण महिलाओं को डेयरी के लिए मिलेगी पंचायत की जमीन, हरियाणा सरकार की नई पहल

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हरियाणा  Published by: Rajput Ranjeet , Date: 01/08/2026 04:01:35 pm Share:
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संक्षेप

हरियाणा: ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में हरियाणा सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है।

विस्तार

हरियाणा: ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में हरियाणा सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। सरकार ने निर्णय लिया है कि हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (HSRLM) से जुड़े पात्र स्वयं सहायता समूहों (SHG) को गांव की शामलात (पंचायती) भूमि पर डेयरी स्थापित करने के लिए लीज पर जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराना और पशुपालन के माध्यम से उनकी आय में वृद्धि करना है। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सुभाष चंद्र ने बताया कि योजना के तहत पात्र स्वयं सहायता समूहों को अधिकतम 500 वर्ग गज भूमि पांच वर्ष की लीज पर दी जाएगी। इस भूमि का उपयोग डेयरी संचालन के लिए किया जाएगा, जिससे महिलाओं को स्थायी आजीविका का अवसर मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

योजना का लाभ केवल उन स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा जो कम से कम एक वर्ष से सक्रिय हैं तथा जिनमें न्यूनतम 10 सदस्य शामिल हों। समूह की बैठकों में कम से कम 75 प्रतिशत सदस्यों की नियमित उपस्थिति और बचत गतिविधियां भी अनिवार्य होंगी। इसके अलावा सभी सदस्य संबंधित गांव के स्थायी निवासी होने चाहिए। सरकार ने पात्रता के लिए कुछ अन्य शर्तें भी निर्धारित की हैं। चयनित समूह का कोई भी सदस्य बैंक या किसी सरकारी योजना का डिफॉल्टर नहीं होना चाहिए। साथ ही, किसी सदस्य या उसके परिवार के नाम 500 वर्ग गज या उससे अधिक निजी भूमि नहीं होनी चाहिए। डेयरी के लिए शामलात भूमि उपलब्ध कराने से पहले ग्राम सभा की स्वीकृति लेना भी आवश्यक होगा।

सीईओ सुभाष चंद्र ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है। पशुपालन में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को देखते हुए यह पहल शुरू की गई है, जिससे ग्रामीण महिलाएं डेयरी व्यवसाय से जुड़कर अपनी आय बढ़ा सकेंगी और गांवों में दुग्ध उत्पादन को भी प्रोत्साहन मिलेगा।