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मध्य प्रदेश: राहुल-अतुल मौत कांड, एक्सीडेंट थ्योरी पर भड़का ब्यौहारी, CBI जांच की मांग तेज

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मध्य प्रदेश  Published by: Durgesh Kumar Gupta , Date: 20/05/2026 04:37:31 pm Share:
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  • 20/05/2026 04:37:31 pm
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संक्षेप

मध्य प्रदेश: जिले के ब्यौहारी में कानून व्यवस्था और खाकी की नीयत पर फिर दाग लगा है।

विस्तार

मध्य प्रदेश: जिले के ब्यौहारी में कानून व्यवस्था और खाकी की नीयत पर फिर दाग लगा है। ग्राम टिहकी के बीजेपी युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष राहुल द्विवेदी और उनके साथी अतुल तिवारी की संदिग्ध मौत को पुलिस महज एक हादसा बताकर रफा-दफा करने पर तुली है, जबकि जनता इसे माफिया राज का खूनी खेल बता रही है। पुलिसिया लीपापोती के खिलाफ आक्रोशित अखिल भारतीय ब्राह्मण सेवा संस्थान और सैकड़ों नागरिकों ने काली पट्टी बांधकर कैंडल मार्च निकाला और जय स्तंभ चौक पर हुंकार भरते हुए सीबीआई जांच की मांग की।

कत्ल की साजिश या एक्सीडेंट का नाटक

जनता और परिजनों ने पुलिस की ढीली कार्यशैली की धज्जियां उड़ाते हुए सीधे आरोप लगाए हैं कि दोबारा हुए पीएम को 8 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अंतिम रिपोर्ट आज तक परिजनों को क्यों नहीं सौंपी गई? छत्तीसगढ़ के धमतरी से जिस गाड़ी (सीजी 04 एलएफ 3043) को जब्त करने का दावा किया गया, वह 600 किमी दूर कैसे गई और 7 दिन बाद भी ब्यौहारी थाना क्यों नहीं लाई गई। मृतकों और संदिग्धों के मोबाइल की कॉल डिटेल और लोकेशन को अब तक क्यों छुपाया जा रहा है? अवैध पशु तस्करी, रेत, कोयला और शराब माफिया के खिलाफ लगातार आवाज उठाने वाले राहुल द्विवेदी को क्या रास्ते से हटाया गया है। पुलिस बिना किसी ठोस वैज्ञानिक जांच के इसे साधारण सड़क्र दुर्घटना घोषित करने की जल्दी में क्यों है?

माफिया से मिली है पुलिस, चुप हैं जनप्रतिनिधि 

ब्राह्मण संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष उपाध्याय ने तीखे लहजे में कहा कि ब्यौहारी पुलिस असली हत्यारों को संरक्षण दे रही है और क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने रहस्यमयी चुप्पी साध रखी है। आक्रोशित जनता ने तहसीलदार राजकुमार रावत को मुख्यमंत्री, गृहमंत्री और डीजीपी के नाम ज्ञापन सौंपकर 5 सूत्रीय मांगें रखी हैं।

संगठन की दोटूक चेतावनी

मामले की तत्काल सीबीआई जांच हो, लापरवाही बरतने वाले पुलिस अफसरों को सस्पेंड किया जाए और पीड़ित परिवारों को 50-50 लाख का मुआवजा व सरकारी नौकरी मिले। अगर 7 दिन में सीबीआई जांच मंजूर नहीं हुई, तो पूरा ब्यौहारी बंद होगा और उग्र आंदोलन की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।