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उत्तर प्रदेश: गुरु पूर्णिमा पर अनूपशहर के गंगा घाटों पर उमड़ा आस्था का सैलाब, श्रद्धालुओं ने लगाई पवित्र डुबकी

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उत्तर प्रदेश,गगन कुमार  Published by: , Date: 29/07/2026 10:57:04 am Share:
  • उत्तर प्रदेश,गगन कुमार
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  • 29/07/2026 10:57:04 am
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: अनूपशहर सावन मास की गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर बुलंदशहर जनपद के अनूपशहर स्थित गंगा घाटों पर सोमवार तड़के से ही श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: अनूपशहर सावन मास की गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर बुलंदशहर जनपद के अनूपशहर स्थित गंगा घाटों पर सोमवार तड़के से ही श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां गंगा के दर्शन और पवित्र स्नान के लिए अनूपशहर पहुंचे। श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर सुख-समृद्धि, परिवार की खुशहाली और देश की उन्नति की कामना की। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर कई श्रद्धालु रविवार रात से ही अनूपशहर पहुंच गए थे। उन्होंने गंगा घाटों के आसपास अस्थायी तंबू लगाकर रात्रि विश्राम किया। सुबह ब्रह्म मुहूर्त से ही स्नान का सिलसिला शुरू हो गया, जो दिनभर जारी रहा। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने अपने-अपने गुरुजनों का विधि-विधान से पूजन किया, उनका आशीर्वाद लिया और गुरु-शिष्य परंपरा का सम्मान करते हुए उन्हें श्रद्धा-सुमन अर्पित किए।

अनूपशहर के प्रमुख घाटों मस्तराम घाट, जाह्नवी द्वार, बवस्तरगंज चौराहा, लाल महादेव घाट और मंसूरी घाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। घाटों पर धार्मिक माहौल बना रहा और "हर-हर गंगे" तथा "जय गुरु देव" के जयघोष लगातार गूंजते रहे। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना के बाद दान-पुण्य भी किया और अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों द्वारा श्रद्धालुओं की सेवा के लिए जगह-जगह भंडारों का आयोजन किया गया। इन भंडारों में श्रद्धालुओं को प्रसाद एवं भोजन वितरित किया गया। बड़ी संख्या में लोगों ने सेवा कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और श्रद्धालुओं को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस भी पूरी तरह सतर्क रही। गंगा घाटों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए थे तथा भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। घाटों पर साफ-सफाई, यातायात व्यवस्था और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। गुरु पूर्णिमा के इस पावन पर्व पर अनूपशहर एक बार फिर आस्था, श्रद्धा और भारतीय संस्कृति की जीवंत तस्वीर बनकर उभरा। गंगा तट पर श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़ और गुरुजनों के प्रति सम्मान ने सनातन परंपरा की गरिमा को और अधिक सुदृढ़ किया।


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