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दिल्ली: महिला पत्रकारों से कथित बदसलूकी के आरोपों के बीच ACP के नए पद का चार्ज रोका गया
- Photo by : social media
संक्षेप
दिल्ली: जंतर-मंतर पर 3 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन की कवरेज के दौरान महिला पत्रकारों द्वारा दिल्ली पुलिस के अधिकारियों पर कथित बदसलूकी और यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए जाने के बीच ACP विवेक भगत को अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (Additional DCP) के पद पर पदोन्नत किए जाने का मामला सामने आया। हालांकि, 6 अक्टूबर को सामने आई जानकारी के अनुसार उनके नए पद का कार्यभार फिलहाल रोक दिया गया है।
विस्तार
दिल्ली: जंतर-मंतर पर 3 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन की कवरेज के दौरान महिला पत्रकारों द्वारा दिल्ली पुलिस के अधिकारियों पर कथित बदसलूकी और यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए जाने के बीच ACP विवेक भगत को अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (Additional DCP) के पद पर पदोन्नत किए जाने का मामला सामने आया। हालांकि, 6 अक्टूबर को सामने आई जानकारी के अनुसार उनके नए पद का कार्यभार फिलहाल रोक दिया गया है। प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई थीं। शिकायतों में कथित तौर पर अभद्र व्यवहार, धक्का देने और अनुचित तरीके से छूने के आरोप शामिल हैं। दिल्ली पुलिस ने इन शिकायतों को निष्पक्ष और विस्तृत जांच के लिए क्राइम ब्रांच को भेजा है। मामले में शिकायतकर्ताओं के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है। इसी बीच 5 अक्टूबर को दिल्ली गृह विभाग के आदेश में ACP विवेक भगत समेत कुल 12 DANIPS अधिकारियों को अतिरिक्त DCP के पद पर जिम्मेदारी दिए जाने की जानकारी सामने आई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह पदोन्नति प्रक्रिया पहले से प्रस्तावित थी और आरोप सामने आने से पहले ही इसकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी। विवेक भगत पर आरोप लगाने वाली महिला पत्रकार का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान उन्होंने पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल किया था, जिसके बाद उनके साथ कथित तौर पर बदसलूकी की गई। हालांकि, इन आरोपों की अभी जांच चल रही है और किसी निष्कर्ष पर पहुंचना बाकी है। मामले के बीच दिल्ली सरकार ने 6 अक्टूबर को बताया कि विवेक भगत ने जांच पूरी होने तक नया कार्यभार नहीं संभालने का अनुरोध किया है। इसके बाद उनके अतिरिक्त DCP के कार्यभार से संबंधित आदेश में बदलाव करने का फैसला लिया गया। मामले ने पुलिस कार्रवाई, महिला पत्रकारों की सुरक्षा और शिकायतों की निष्पक्ष जांच को लेकर सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल शिकायतों की जांच क्राइम ब्रांच कर रही है और जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।