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हरियाणा: 10 जुलाई तक हर हाल में पूरा होगा डिजिटाइजेशन, एसडीएम ने दिए सख्त निर्देश
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संक्षेप
हरियाणा: हांसी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत गणना प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन कार्य में तेजी लाने के लिए बुधवार को हांसी विधानसभा क्षेत्र में एसडीएम एवं निर्वाचक पंजीयन अधिकारी राजेश खोथ ने सुपरवाइजरों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
विस्तार
हरियाणा: हांसी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत गणना प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन कार्य में तेजी लाने के लिए बुधवार को हांसी विधानसभा क्षेत्र में एसडीएम एवं निर्वाचक पंजीयन अधिकारी राजेश खोथ ने सुपरवाइजरों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित समय-सीमा के अनुसार 10 जुलाई तक सभी गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन हर हाल में पूरा किया जाए, ताकि अभियान निर्धारित समय पर सफलतापूर्वक संपन्न हो सके। बैठक में एसडीएम राजेश खोथ ने कहा कि अधिकांश बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) पूरी निष्ठा और मेहनत से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने सुपरवाइजरों से अपने अधीन कार्यरत बीएलओ का नियमित मार्गदर्शन करने, उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान कराने तथा प्रत्येक बूथ की दैनिक प्रगति पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान मतदान केंद्र संख्या 182, 61, 95, 118, 88 और 49 पर गणना प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन की गति अपेक्षाकृत धीमी पाई गई। इस पर संबंधित बीएलओ को लंबित कार्य प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए, जबकि सुपरवाइजरों को इन केंद्रों की विशेष मॉनिटरिंग करने को कहा गया। एसडीएम ने निर्देश दिए कि बुधवार शाम तक सभी बीएलओ और सुपरवाइजर कम से कम 50 प्रतिशत डिजिटाइजेशन कार्य पूरा करें। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन कार्य की समीक्षा की जाएगी और किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी को गंभीरता से लिया जाएगा। बैठक में राजेश खोथ ने यह भी घोषणा की कि हांसी विधानसभा क्षेत्र के इच्छुक सुपरवाइजरों को आवश्यकता के अनुसार एक-एक हेल्पर उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि डिजिटाइजेशन कार्य को और गति मिल सके तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी लक्ष्य पूरे किए जा सकें। उन्होंने सभी बीएलओ और सुपरवाइजरों से टीम भावना के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि समयबद्ध, त्रुटिरहित और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। निर्वाचन आयोग के इस महत्वपूर्ण अभियान को सफल बनाने के लिए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरी जिम्मेदारी और समर्पण के साथ कार्य करना चाहिए।