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हरियाणा: आटा-मैदा उद्योग ने मंडी फीस और सेस में राहत की उठाई मांग, व्यापारी कल्याण बोर्ड को सौंपा ज्ञापन

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हरियाणा  Published by: Anil , Date: 03/08/2026 10:57:22 am Share:
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  • 03/08/2026 10:57:22 am
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संक्षेप

हरियाणा: हांसी रोलर फ्लोर मिल एवं चक्की एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को हरियाणा व्यापारी कल्याण बोर्ड के चेयरमैन राजेश ठकराल को ज्ञापन सौंपकर प्रदेश के आटा एवं मैदा उद्योग से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की।

विस्तार

हरियाणा: हांसी रोलर फ्लोर मिल एवं चक्की एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को हरियाणा व्यापारी कल्याण बोर्ड के चेयरमैन राजेश ठकराल को ज्ञापन सौंपकर प्रदेश के आटा एवं मैदा उद्योग से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने हरियाणा में गेहूं की प्रोसेसिंग पर लगने वाली मंडी फीस एवं एचआरडीएफ (सेस) में राहत प्रदान करने का आग्रह करते हुए कहा कि इससे प्रदेश के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को नई ऊर्जा मिलेगी और हरियाणा निवेश के लिए अधिक आकर्षक राज्य बन सकेगा। इस अवसर पर एसोसिएशन की ओर से नवीन शिवानी, अतुल हिसार, राजेश उचाना, पुनीत करनाल, संजीव अंबाला, अनिल टोहाना तथा मनन कुरुक्षेत्र सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

हरियाणा व्यापारी कल्याण बोर्ड के चेयरमैन राजेश ठकराल ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार व्यापार और उद्योगों के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। व्यापारियों और औद्योगिक संगठनों की प्रत्येक व्यवहारिक समस्या एवं सुझाव को गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन द्वारा प्रस्तुत ज्ञापन और मांगों को संबंधित विभागों तथा राज्य सरकार के समक्ष सकारात्मक रूप से रखा जाएगा, ताकि उद्योग हित में उचित निर्णय लिया जा सके।


राजेश ठकराल ने कहा कि हरियाणा देश के अग्रणी गेहूं उत्पादक राज्यों में शामिल है। ऐसे में यह आवश्यक है कि गेहूं आधारित उद्योगों को भी प्रोत्साहन मिले, जिससे प्रदेश में नए निवेश आएं, आधुनिक खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित हों और युवाओं के लिए रोजगार के अधिक अवसर सृजित हों। उन्होंने कहा कि मजबूत उद्योग किसानों की उपज को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के साथ-साथ प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान करेंगे।
एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने बताया कि मंडी फीस और सेस के कारण हरियाणा की आटा एवं मैदा उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता प्रभावित हो रही है। यदि इस विषय पर सकारात्मक निर्णय लिया जाता है तो प्रदेश में नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना को बढ़ावा मिलेगा, बंद पड़ी इकाइयों को पुनर्जीवित होने का अवसर मिलेगा तथा हरियाणा खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में एक मजबूत औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर सकेगा।


राजेश ठकराल ने कहा कि सरकार का उद्देश्य व्यापार और उद्योग के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार उद्योग जगत के सुझावों पर संवेदनशीलता के साथ विचार करेगी और ऐसा समाधान निकाला जाएगा, जिससे किसानों, व्यापारियों, उद्योगपतियों तथा उपभोक्ताओं सभी के हित सुरक्षित रह सकें। उन्होंने कहा कि हरियाणा व्यापारी कल्याण बोर्ड भविष्य में भी व्यापारिक संगठनों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखेगा तथा उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास करता रहेगा।


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