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झारखण्ड: रात के अंधेरे में लकड़ी तस्करी का आरोप, ग्रामीणों ने प्रशासन से की कार्रवाई की मांग

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झारखण्ड  Published by: Arun Kumar Ravi , Date: 03/08/2026 10:48:51 am Share:
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  • Published by: Arun Kumar Ravi ,
  • Date:
  • 03/08/2026 10:48:51 am
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संक्षेप

झारखण्ड: पलामू जिले के पांकी थाना क्षेत्र के जोतांग, बिरबीर, अंदाग और कारीमाटी के जंगलों में बड़े पैमाने पर अवैध लकड़ी कटाई किए जाने का आरोप सामने आया है।

विस्तार

झारखण्ड: पलामू जिले के पांकी थाना क्षेत्र के जोतांग, बिरबीर, अंदाग और कारीमाटी के जंगलों में बड़े पैमाने पर अवैध लकड़ी कटाई किए जाने का आरोप सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से संगठित तरीके से पेड़ों की कटाई की जा रही है, जिससे क्षेत्र के घने जंगल धीरे-धीरे उजड़ते जा रहे हैं। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।

ग्रामीणों के अनुसार प्रतिदिन शाम लगभग 7 बजे से लेकर सुबह 8 बजे तक दर्जनों ऑटो (टेम्पो) में लकड़ियां लादकर पांकी बाजार के होटलों, ईंट भट्ठों, घरों तथा अन्य स्थानों तक पहुंचाई जाती हैं। उनका आरोप है कि रात के अंधेरे का फायदा उठाकर यह अवैध कारोबार लगातार चल रहा है, लेकिन अब तक इस पर प्रभावी रोक नहीं लगाई जा सकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार संबंधित विभाग का ध्यान इस ओर आकर्षित कराया गया, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से अवैध लकड़ी तस्करों के हौसले बुलंद हैं। ग्रामीणों का मानना है कि यदि समय रहते इस पर सख्ती नहीं की गई तो आने वाले वर्षों में इन क्षेत्रों के जंगलों का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है।

पर्यावरण प्रेमियों का भी कहना है कि अंधाधुंध पेड़ों की कटाई केवल वन संपदा को ही नुकसान नहीं पहुंचाती, बल्कि इसका सीधा असर पर्यावरण, जैव विविधता और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास पर पड़ता है। पेड़ों की संख्या कम होने से वर्षा का संतुलन प्रभावित हो सकता है, भूजल स्तर गिर सकता है तथा भविष्य में जल संकट और भी गंभीर रूप ले सकता है। ग्रामीणों ने वन विभाग, जिला प्रशासन तथा संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, अवैध लकड़ी कटाई और परिवहन में संलिप्त लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए तथा जंगलों की सुरक्षा के लिए नियमित गश्ती और निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।


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