-
☰
हरियाणा: वन महोत्सव में पर्यावरण संरक्षण का संदेश, लगाए गए एक हजार पौधे
- Photo by : social media
संक्षेप
हरियाणा: राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने कहा कि वृक्षारोपण हमारी संस्कृति और जीवन परंपरा का अभिन्न हिस्सा है।
विस्तार
हरियाणा: राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने कहा कि वृक्षारोपण हमारी संस्कृति और जीवन परंपरा का अभिन्न हिस्सा है। एक पेड़ केवल पर्यावरण को शुद्ध करने का माध्यम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन और स्वस्थ भविष्य की अमूल्य विरासत है। सांसद महोदय महम स्थित राजकीय महाविद्यालय के प्रांगण में आयोजित 77वें जिला स्तरीय वन महोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत कर रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपायुक्त सचिन गुप्ता ने की। कार्यक्रम की मुख्य झलकियां व अहम बिंदु 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान: मुख्य अतिथि, पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर, पूर्व सांसद रामचंद्र जांगड़ा, डीसी सचिन गुप्ता और मेयर रामअवतार वाल्मीकि सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने विद्यार्थियों के साथ मिलकर पौधारोपण किया। महाविद्यालय परिसर में एक हजार पौधे लगाए गए तथा विद्यार्थियों को भी एक हजार पौधे वितरित किए गए। मुख्यमंत्री के संदेश का सीधा प्रसारण: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने करनाल के घरौंड़ा से वर्चुअली जुड़कर प्रदेशवासियों को संदेश दिया, जिसे एलईडी स्क्रीन के माध्यम से उपस्थित विद्यार्थियों व नागरिकों ने देखा। प्रतियोगिताओं के विजेता सम्मानित: वन विभाग द्वारा स्कूलों में आयोजित इको क्वीज और पेंटिंग प्रतियोगिता के विजेताओं तथा वृक्षारोपण में उल्लेखनीय भूमिका निभाने वाले महानुभावों को सम्मानित किया गया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियां: आरपीएस इंटरनेशनल स्कूल की छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया और मॉडल स्कूल महम के विद्यार्थियों ने पेड़ बचाव अभियान पर सुंदर माइम (Mime) प्रस्तुत कर सबको जागरूक किया। पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर: "पर्यावरण संरक्षण को केवल अभियान तक सीमित न रखकर इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना जरूरी है।" पूर्व सांसद रामचंद्र जांगड़ा: "वैज्ञानिक जगदीश चंद्र बसु ने पौधों में जीवन पर शोध किया था। बरगद, पीपल और नीम जैसे पारंपरिक वृक्ष पर्यावरण की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।"
सांसद सुभाष बराला: "भारतीय संस्कृति में प्रकृति के प्रति सम्मान की गौरवशाली परंपरा रही है। हमें अपने जन्मदिन या बुजुर्गों की स्मृति में एक पौधा अवश्य लगाना और उसके पेड़ बनने तक देखभाल करनी चाहिए।"