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झारखंड: रिनपास प्रभारी निदेशक को हटाने की मांग तेज, कांग्रेस नेताओं ने उठाया मुद्दा

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झारखंड  Published by: Arun Kumar Ravi , Date: 31/07/2026 02:46:50 pm Share:
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  • 31/07/2026 02:46:50 pm
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संक्षेप

झारखंड: रांची झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रदेश सचिव एवं सिल्ली विधानसभा प्रभारी मदन कुमार महतो के नेतृत्व में कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को राज्य के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री इरफान अंसारी से मुलाकात कर रिनपास (रांची मानसिक आरोग्य एवं स्नायु विज्ञान संस्थान), कांके के प्रभारी निदेशक डॉ. जयति सिमलाई को तत्काल पद से हटाने की मांग की।प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश प्रवक्ता मृदुल राज, रांची जिला कांग्रेस सेवादल के जिलाध्यक्ष रोहित कुमार साहू, जिला कांग्रेस सचिव मिथिलेश तिवारी, पंकज वर्मा, राजेश कुमार सहित अन्य कांग्रेस नेता शामिल थे।

विस्तार

झारखंड: रांची झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रदेश सचिव एवं सिल्ली विधानसभा प्रभारी मदन कुमार महतो के नेतृत्व में कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को राज्य के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री इरफान अंसारी से मुलाकात कर रिनपास (रांची मानसिक आरोग्य एवं स्नायु विज्ञान संस्थान), कांके के प्रभारी निदेशक डॉ. जयति सिमलाई को तत्काल पद से हटाने की मांग की।प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश प्रवक्ता मृदुल राज, रांची जिला कांग्रेस सेवादल के जिलाध्यक्ष रोहित कुमार साहू, जिला कांग्रेस सचिव मिथिलेश तिवारी, पंकज वर्मा, राजेश कुमार सहित अन्य कांग्रेस नेता शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए रिनपास में कथित वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि संस्थान में खरीद प्रक्रिया, वित्तीय लेन-देन, मरीजों की भर्ती व्यवस्था तथा निजी कंपनियों द्वारा संस्थान परिसर में प्रचार-प्रसार से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि रिनपास राज्य का एक महत्वपूर्ण मानसिक स्वास्थ्य संस्थान है, जहां प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी, जवाबदेह और जनहित केंद्रित होनी चाहिए। उनका कहना था कि यदि संस्थान में किसी प्रकार की वित्तीय या प्रशासनिक अनियमितता हुई है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। प्रतिनिधिमंडल ने यह भी मांग की कि जांच पूरी होने तक किसी सक्षम, निष्पक्ष और योग्य अधिकारी को रिनपास का प्रभारी निदेशक नियुक्त किया जाए, ताकि संस्थान का कार्य प्रभावित न हो और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलती रहें।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मरीजों और उनके परिजनों का भरोसा बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है। इसलिए पूरे मामले की पारदर्शी जांच कर वास्तविक तथ्यों को जनता के सामने लाया जाना चाहिए। स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए सकारात्मक पहल करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि सरकार जल्द उचित निर्णय लेकर रिनपास में पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित करेगी।


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