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हरियाणा: अब रजिस्ट्री के साथ तुरंत होगा इंतकाल, नई व्यवस्था से लोगों को मिली बड़ी राहत

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हरियाणा  Published by: Anil , Date: 23/06/2026 06:11:35 pm Share:
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  • 23/06/2026 06:11:35 pm
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संक्षेप

हरियाणा: हांसी हरियाणा सरकार द्वारा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के माध्यम से लागू की जा रही ऑटो म्यूटेशन और पेपरलेस रजिस्ट्रेशन प्रणाली 2.0 से प्रदेश के नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी।

विस्तार

हरियाणा: हांसी हरियाणा सरकार द्वारा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के माध्यम से लागू की जा रही ऑटो म्यूटेशन और पेपरलेस रजिस्ट्रेशन प्रणाली 2.0 से प्रदेश के नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी। इस नई व्यवस्था के तहत रजिस्ट्री होते ही इंतकाल स्वतः दर्ज हो जाएगा, जिससे लोगों को अलग से इंतकाल के लिए आवेदन नहीं करना पड़ेगा। यह जानकारी उपायुक्त राहुल नरवाल ने मंगलवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा हरियाणा निवास, चंडीगढ़ से ऑटो म्यूटेशन और पेपरलेस रेवेन्यू रजिस्ट्रेशन प्रणाली के दूसरे चरण की लॉन्चिंग के उपरांत अधिकारियों से बातचीत करते हुए दी। उपायुक्त राहुल नरवाल ने बताया कि पहले नागरिकों को इंतकाल दर्ज करवाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था तथा तहसील कार्यालयों के कई चक्कर लगाने पड़ते थे। नई प्रणाली लागू होने से यह प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन, पारदर्शी और समयबद्ध हो जाएगी। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने लंबित इंतकाल मामलों के निपटान के लिए विशेष अभियान भी शुरू किया है।

उन्होंने बताया कि जिन मामलों में राजस्व विभाग की जांच की आवश्यकता नहीं होगी, उनमें 24 घंटे के भीतर म्यूटेशन स्वीकृत कर दिया जाएगा। वहीं जिन मामलों में जांच जरूरी होगी, उनका निपटान अधिकतम 10 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा। इससे विरासत, पारिवारिक बंटवारे तथा न्यायालय के आदेश आधारित मामलों में भी तेजी आएगी। डीसी राहुल नरवाल ने कहा कि इस प्रणाली के लागू होने से भूमि रिकॉर्ड तेजी से अपडेट होंगे और नागरिक अपने इंतकाल की स्थिति ऑनलाइन देख सकेंगे। साथ ही वे प्रमाणित प्रति डाउनलोड और प्रिंट भी कर सकेंगे। इससे किसानों, भूमि स्वामियों और आम नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी तथा राजस्व प्रशासन की कार्यक्षमता और पारदर्शिता में भी वृद्धि होगी।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने लॉन्चिंग कार्यक्रम के दौरान बताया कि पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था को पूरे प्रदेश में लागू किया जा चुका है। अब डीड को नागरिक स्वयं, डीड राइटर, अधिवक्ता अथवा हेल्प डेस्क के माध्यम से भर सकेंगे। पूरी प्रक्रिया में डिजिटल हस्ताक्षर और बायोमेट्रिक प्रणाली लागू की गई है। उन्होंने कहा कि ऑटो इंतकाल प्रणाली शुरू होने से प्रदेश के लाखों किसानों और भू-स्वामियों को सीधा लाभ मिलेगा। उपायुक्त ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा भी इस व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं, ताकि नागरिकों को समय पर लाभ मिल सके। उन्होंने लोगों से भूमि संबंधी कार्यों में ऑनलाइन सेवाओं का अधिकाधिक उपयोग करने की अपील की।इस अवसर पर एसडीएम नारनौंद विकास यादव, जिला राजस्व अधिकारी राजकुमार, तहसीलदार डॉ. अनिल विधान, नायब तहसीलदार सुरेश कुमार, खुर्शीद अहमद, नरेंद्र तथा कृष्ण अहलावत सहित राजस्व विभाग के अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।