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उत्तर प्रदेश: राम मंदिर दान चोरी प्रकरण में SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंपी, जांच जारी

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उत्तर प्रदेश  Published by: Indresh Kumar Pandey , Date: 23/06/2026 01:23:54 pm Share:
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  • 23/06/2026 01:23:54 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: अयोध्या के चर्चित राम मंदिर दान चोरी प्रकरण में जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट उत्तर प्रदेश शासन को सौंप दी है।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: अयोध्या के चर्चित राम मंदिर दान चोरी प्रकरण में जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट उत्तर प्रदेश शासन को सौंप दी है। इस मामले को लेकर प्रदेशभर में चर्चा बनी हुई है और अब रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिक गई हैं। जानकारी के अनुसार, लखनऊ मंडल के आयुक्त एवं SIT अध्यक्ष विजय विश्वास पंत ने टीम के अन्य दोनों सदस्यों के साथ मिलकर यह प्रारंभिक जांच रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद को सौंपी। शासन स्तर पर रिपोर्ट का अध्ययन किया जा रहा है और जांच के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।

सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यह केवल प्रारंभिक रिपोर्ट है और मामले की जांच अभी जारी है। शासन ने कहा है कि जांच की कार्यवाही अभी प्रचलित है, इसलिए इसे अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए। आने वाले दिनों में SIT द्वारा और भी तथ्यों, दस्तावेजों तथा संबंधित लोगों से पूछताछ की जा सकती है। बताया जा रहा है कि SIT ने पिछले कुछ दिनों में कई स्तरों पर जांच पड़ताल की। टीम ने संबंधित दस्तावेजों की गहन समीक्षा की, वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की तथा मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ भी की। जांच के दौरान मंदिर प्रशासन, कर्मचारियों और अन्य संबंधित पक्षों से भी जानकारी जुटाई गई।

यह मामला सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई थी। राम मंदिर देशभर की आस्था से जुड़ा विषय होने के कारण इस प्रकरण को अत्यंत संवेदनशील माना जा रहा है। ऐसे में सरकार भी पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए पारदर्शी जांच पर जोर दे रही है। सूत्रों के अनुसार, SIT अब जांच के अगले चरण में आर्थिक लेनदेन, दान राशि के रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी पहलुओं की भी बारीकी से जांच कर सकती है। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या दोषी पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता।फिलहाल शासन की ओर से आधिकारिक तौर पर रिपोर्ट की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। हालांकि प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच में आगे क्या नए तथ्य सामने आते हैं और सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है।


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