-
☰
झारखण्ड: भीषण गर्मी में बिजली-पानी व्यवस्था को लेकर सरकार सख्त, पलामू में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
- Photo by : social media
संक्षेप
झारखण्ड: मेदिनीनगर भीषण गर्मी और लगातार बढ़ती बिजली-पानी की समस्या को लेकर झारखंड सरकार अब एक्शन मोड में नजर आ रही है।
विस्तार
झारखण्ड: मेदिनीनगर भीषण गर्मी और लगातार बढ़ती बिजली-पानी की समस्या को लेकर झारखंड सरकार अब एक्शन मोड में नजर आ रही है। मंगलवार को पलामू समाहरणालय सभागार में राज्य के वित्त, वाणिज्यिक कर, योजना एवं विकास तथा संसदीय कार्य मंत्री राधा कृष्ण किशोर की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत, अपर समाहर्ता कुंदन कुमार, विद्युत विभाग एवं पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के वरीय अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि पलामू राज्य का सबसे गर्म जिला है और ऐसी स्थिति में आम लोगों को निर्बाध बिजली एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि भीषण गर्मी के दौरान अनावश्यक बिजली कटौती किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक के दौरान विद्युत विभाग के जीएम सह मुख्य अभियंता श्रवण कुमार ने जानकारी दी कि जिले में लगभग 250 मेगावाट बिजली की आवश्यकता है, जबकि वर्तमान में केवल 186 मेगावाट बिजली की आपूर्ति हो रही है। इस प्रकार जिले में करीब 64 मेगावाट बिजली की कमी बनी हुई है। इस पर मंत्री ने नाराजगी जताते हुए पीक आवर में बेहतर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा लोड प्रबंधन को मजबूत करने के निर्देश दिए। छतरपुर क्षेत्र की बिजली व्यवस्था की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि औद्योगिक इकाइयों को 12 मेगावाट और घरेलू उपभोक्ताओं को करीब 5 मेगावाट बिजली आपूर्ति की जा रही है। इस पर मंत्री ने कहा कि भीषण गर्मी में सबसे पहले आम लोगों की जरूरतों को प्राथमिकता दी जाए और भविष्य की मांग को देखते हुए ट्रांसमिशन व्यवस्था को और मजबूत किया जाए। बैठक में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की समीक्षा करते हुए मंत्री ने खराब पड़े चापाकलों की जल्द मरम्मत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में पेयजल संकट अधिक है, वहां प्राथमिकता के आधार पर कार्य किया जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके। मंत्री ने सार्वजनिक स्थलों, चौक-चौराहों, बाजारों और बस पड़ावों पर स्वच्छ पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। इस पर उपायुक्त ने बताया कि जिला प्रशासन लगातार इस दिशा में कार्य कर रहा है। बैठक में नए चापाकलों की स्थापना, जलापूर्ति योजनाओं की प्रगति तथा खराब जलमीनारों के संचालन की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
झारखंड: पैसे के विवाद में दोस्त ने ही की अपने ही दोस्त की हत्या, 24 घंटे में पुलिस ने किया खुलासा
मध्य प्रदेश: रेत माफियाओं का बढ़ता आतंक, अवैध उत्खनन पर उठे गंभीर सवाल
राजस्थान: टोंक बस स्टैंड पर विश्व सिंधी सेवा संगम की जल सेवा शुरू, राहगीरों को मिलेगी राहत
राजस्थान: ‘ताल की पाल पर काव्य लहरें’ गोष्ठी का आयोजन, कवियों ने रचनाओं से बांधा समा
गुजरात: तालुका पंचायत चुनाव में कांग्रेस का कब्जा, अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर दर्ज की जीत
मध्य प्रदेश: जनजातीय पर्यटन परियोजना से गांवों को मिल रही नई पहचान और रोजगार के नए अवसर