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उत्तर प्रदेश: फेक ऐप से फर्जी पेमेंट दिखाकर ठगी करने वाले 3 गिरफ्तार, ऐसे झांसे में आते थे दुकानदार 

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उत्तर प्रदेश  Published by: Abhay , Date: 30/05/2026 11:33:56 am Share:
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  • 30/05/2026 11:33:56 am
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: शाहजहांपुर डिजिटल भुगतान के बढ़ते चलन के बीच साइबर ठगी के नए-नए तरीके सामने आ रहे हैं।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: शाहजहांपुर डिजिटल भुगतान के बढ़ते चलन के बीच साइबर ठगी के नए-नए तरीके सामने आ रहे हैं। शाहजहांपुर पुलिस ने ऐसे ही एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन युवकों को गिरफ्तार किया है, जो एक फर्जी मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए दुकानदारों को नकली भुगतान दिखाकर ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों में दो सगे भाई भी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपियों की पहचान आयुष गुप्ता, राज गुप्ता और अंशुल मिश्रा के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि तीनों युवक बिना नंबर प्लेट वाली बाइक का इस्तेमाल करते थे, जिससे उनकी पहचान करना मुश्किल हो सके। हाल ही में शहर के एक रेडीमेड कपड़ा व्यापारी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि कुछ युवकों ने उसकी दुकान से हजारों रुपये के कपड़े खरीदे और मोबाइल से भुगतान करने का दावा किया, लेकिन बाद में जांच में पता चला कि उसके खाते में कोई रकम नहीं पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की गई। पुलिस टीम ने चेकिंग अभियान के दौरान तीनों को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे इंटरनेट से डाउनलोड किए गए एक फर्जी पेमेंट एप का उपयोग करते थे। यह एप वास्तविक डिजिटल भुगतान एप की तरह दिखाई देता था और भुगतान सफल होने का संदेश भी प्रदर्शित करता था। आरोपी दुकानदारों के सामने क्यूआर कोड स्कैन करते, राशि दर्ज करते और नकली ट्रांजेक्शन स्क्रीन दिखाकर विश्वास जीत लेते थे। हालांकि वास्तविकता में उनके खाते से कोई धनराशि नहीं कटती थी और न ही व्यापारी के खाते में कोई पैसा पहुंचता था। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने कई अन्य स्थानों पर भी इसी तरीके से खरीदारी की थी। पुलिस को संदेह है कि इस गिरोह ने कई दुकानदारों को अपना शिकार बनाया है। आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए गए हैं।