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मध्य प्रदेश: गौमाता को ‘राष्ट्रमाता’ घोषित करने की मांग, गौ सम्मान अभियान के तहत सौंपा गया ज्ञापन

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मध्य प्रदेश  Published by: Radheshyam Gurjar , Date: 27/04/2026 05:24:56 pm Share:
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  • 27/04/2026 05:24:56 pm
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संक्षेप

मध्य प्रदेश: गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने तथा समस्त देश में गौ-वध पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर संचालित “गौ सम्मान आव्हान अभियान” के अंतर्गत रविवार मुंदी तहसील कार्यालय में व्यापक जनसमूह एकत्रित हुआ।

विस्तार

मध्य प्रदेश: गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने तथा समस्त देश में गौ-वध पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर संचालित “गौ सम्मान आव्हान अभियान” के अंतर्गत रविवार मुंदी तहसील कार्यालय में व्यापक जनसमूह एकत्रित हुआ। संत-महात्माओं, विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं बड़ी संख्या में गौभक्तों ने एकजुट होकर भारत के महामहिम राष्ट्रपति, माननीय प्रधानमंत्री तथा मध्यप्रदेश शासन के माननीय मुख्यमंत्री के नाम प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किया। इस अवसर पर उपस्थित संतों एवं धर्माचार्यों ने गौमाता के महत्व का विस्तार से प्रतिपादन करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति एवं सनातन परंपरा में गौ का स्थान अत्यंत पावन एवं विशिष्ट है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गौमाता केवल आस्था का विषय नहीं, अपितु भारतीय कृषि व्यवस्था, स्वास्थ्य-संरक्षण एवं पर्यावरणीय संतुलन का भी प्रमुख आधार है। अतः शासन को इस विषय पर राष्ट्रहित को ध्यान में रखते हुए दृढ़ एवं प्रभावी निर्णय करना चाहिए। कार्यक्रम में संत श्री चन्द्रानंद जी स्वामी (श्रीकृष्ण गौशाला, सिंगाजी), पूज्य बृजनुरागी रसिक संत श्री नवल किशोरी जी महाराज (बरसाना धाम) तथा संत श्री अमराराम जी महाराज (श्री नर्मदा अन्नक्षेत्र आश्रम, सिंगाजी) ने अपने उद्बोधनों में गौसेवा को राष्ट्रसेवा के समतुल्य बताते हुए समाज से अधिकाधिक जागरूक एवं सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया।

अखिल भारत हिन्दू महासभा, मध्यप्रदेश के संगठन मंत्री पंडित जीतू दुबे ने अपने संबोधन में कहा कि यह अभियान किसी एक संगठन तक सीमित न होकर सम्पूर्ण समाज की भावनाओं का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने चेताया कि यदि शासन-प्रशासन इस विषय पर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाता,तो जनाक्रोश व्यापक रूप धारण कर सकता है।उनके अनुसार गौ-संरक्षण के प्रति समाज में तीव्र जागरूकता उत्पन्न हो रही है और अब जनमानस इस दिशा में ठोस कदमों की अपेक्षा कर रहा है। इस अवसर पर हिन्दू महासभा के जिला अध्यक्ष (गौरक्षा विभाग) महेन्द्र सिंह तोमर,विश्व हिन्दू परिषद के जिला मंत्री लखन नायक,जिला उपाध्यक्ष श्याम सिंह तोमर,आदित्य राठौर सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता एवं गौभक्त उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में गौमाता के संरक्षण एवं सम्मान के लिए निरंतर संघर्षरत रहने का संकल्प व्यक्त किया। विशेष उल्लेखनीय है कि इस अवसर पर प्रार्थना-पत्र के साथ मांगों के समर्थन में हजारों नागरिकों के हस्ताक्षरों की प्रतिलिपियां भी प्रशासन को समर्पित की गईं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह मांग व्यापक जनसमर्थन से परिपूर्ण है। तहसील कार्यालय में प्रस्तुत प्रार्थना-पत्र में गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने, समस्त देश में गौ-वध पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने, गौ-तस्करी एवं अवैध वध पर कठोर दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करने तथा गौशालाओं को पर्याप्त शासकीय संरक्षण एवं आर्थिक सहयोग प्रदान करने की प्रमुख मांगें सम्मिलित की गईं। सम्पूर्ण कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं अनुशासित वातावरण में सम्पन्न हुआ, किंतु इसके माध्यम से यह स्पष्ट संदेश प्रसारित हुआ कि गौ-संरक्षण का विषय अब सीमित परिधि से निकलकर व्यापक जनआंदोलन का स्वरूप ग्रहण कर रहा है।