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मध्य प्रदेश: गंदगी से जूझ रहा पिपरिया गांव, सफाई व्यवस्था ठप होने पर ग्रामीणों में रोष

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मध्य प्रदेश  Published by: Ashok Mahule , Date: 06/06/2026 12:54:47 pm Share:
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  • 06/06/2026 12:54:47 pm
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संक्षेप

मध्य प्रदेश: खैरलाजी पिपरिया ग्राम पंचायत पिपरिया इन दिनों गंदगी की गंभीर समस्या से जूझ रहा है।

विस्तार

मध्य प्रदेश: खैरलाजी पिपरिया ग्राम पंचायत पिपरिया इन दिनों गंदगी की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। गांव की गलियों, नालियों और सार्वजनिक स्थानों पर फैली गंदगी से ग्रामीणों का जीना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद पंचायत प्रशासन और सरपंच द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है, जिसके कारण गांव में संक्रमण और बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव की मुख्य सड़क से लेकर मोहल्लों तक जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं। नालियों की नियमित सफाई नहीं होने से पानी सड़कों पर बह रहा है और दुर्गंध फैल रही है। बरसात का मौसम नजदीक होने के कारण स्थिति और भी गंभीर होती दिखाई दे रही है। ग्रामीणों का कहना है कि गंदे पानी और कचरे के कारण मच्छरों की संख्या बढ़ गई है, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है।


स्थानीय लोगों के अनुसार पंचायत द्वारा सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति होने के बावजूद गांव में नियमित सफाई कार्य नहीं हो रहा है। कई वार्डों में महीनों से नालियों की सफाई नहीं की गई है। लोगों ने आरोप लगाया कि पंचायत केवल कागजों में सफाई अभियान चलाने का दावा कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर हालात बेहद खराब हैं। ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि छोटे बच्चों को गंदगी के बीच से होकर स्कूल जाना पड़ता है। जगह-जगह फैले कचरे और कीचड़ के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। कई स्थानों पर नालियां जाम होने से गंदा पानी घरों के सामने जमा हो रहा है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार सरपंच और पंचायत सचिव को इस समस्या से अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। लोगों में पंचायत प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने मांग की है कि गांव में तत्काल सफाई अभियान चलाया जाए, नालियों की सफाई कराई जाए तथा नियमित कचरा उठाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे पंचायत कार्यालय के सामने प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि स्वच्छता केवल सरकारी योजना का हिस्सा नहीं बल्कि लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर विषय है, इसलिए पंचायत प्रतिनिधियों को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। अब देखना यह होगा कि पंचायत प्रशासन और संबंधित अधिकारी ग्रामीणों की समस्या को कितनी गंभीरता से लेते हैं और गांव को गंदगी मुक्त बनाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।


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