Contact for Advertisement 9919916171


राजस्थान: यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य प्रशिक्षण से किशोर-किशोरियों के सशक्तिकरण पर दिया जोर

- Photo by : social media

राजस्थान  Published by: Shahihurehman , Date: 11/06/2026 03:17:38 pm Share:
  • राजस्थान
  • Published by: Shahihurehman ,
  • Date:
  • 11/06/2026 03:17:38 pm
Share:

संक्षेप

राजस्थान: टोंक शिव शिक्षा समिति द्वारा संचालित “सपनों की उड़ान” परियोजना के अंतर्गत 9 एवं 10 जून 2026 को यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य एवं अधिकार (SRHR) विषय पर दो दिवसीय हमजोली प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।

विस्तार

राजस्थान: टोंक शिव शिक्षा समिति द्वारा संचालित “सपनों की उड़ान” परियोजना के अंतर्गत 9 एवं 10 जून 2026 को यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य एवं अधिकार (SRHR) विषय पर दो दिवसीय हमजोली प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण में हमजोलियों एवं चर्चा लीडरों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए सक्रिय सहभागिता दिखाई। प्रशिक्षण के दौरान किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक परिवर्तनों, माहवारी स्वच्छता, लैंगिक समानता, सुरक्षित व्यवहार, यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य एवं अधिकार तथा नेतृत्व विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। विभिन्न गतिविधियों, समूह चर्चाओं एवं सहभागितापूर्ण सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों की समझ को और अधिक मजबूत किया गया।

कार्यक्रम में संस्था सचिव डॉ. शिवजीराम यादव ने प्रतिभागियों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि किशोर-किशोरियों के स्वास्थ्य, शिक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सही जानकारी, खुला संवाद और सकारात्मक सोच के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाया जा सकता है। इस अवसर पर गांव की सखी टीम की सदस्य सोनिया प्रजापत, निशा शर्मा, गुड्डी सैनी, खुशी गंगोतिया, रिंकू सैनी एवं खुशबू बैरवा का विशेष सहयोग रहा। प्रशिक्षण के सफल संचालन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

परियोजना अधिकारी राजकंवर ने समापन अवसर पर बताया कि प्रशिक्षण प्राप्त हमजोली एवं चर्चा लीडर अब अपने-अपने गांवों में किशोरियों के समूहों के साथ मॉड्यूल के नौ सत्रों का संचालन करेंगे। इन सत्रों के माध्यम से किशोरावस्था में होने वाले बदलाव, माहवारी स्वच्छता, पोषण, लैंगिक समानता तथा अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर परिवार एवं समुदाय स्तर पर जागरूकता बढ़ाई जाएगी। संस्था का मानना है कि इस पहल से किशोरियों में ज्ञान, आत्मविश्वास एवं नेतृत्व क्षमता का विकास होगा तथा समाज में यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य एवं अधिकारों के प्रति सकारात्मक सोच और जागरूकता को बढ़ावा मिलेगा।