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राजस्थान: गांव से निकलकर उद्योग और समाजसेवा में पहचान बनाने वाले नरेंद्र दत्त सैनी ने दिया संदेश
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संक्षेप
राजस्थान: कहते हैं मन में यदि दृढ़ संकल्प और इच्छा शक्ति हो तो हर मुश्किल काम आसान हो सकता है।
विस्तार
राजस्थान: कहते हैं मन में यदि दृढ़ संकल्प और इच्छा शक्ति हो तो हर मुश्किल काम आसान हो सकता है। ऐसी ही एक शख्सियत हैं जो राजस्थान के एक छोटे से गांव से निकल कर उधोग जगत में बड़ा साम्राज्य स्थापित किया तथा बिजनेस के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के हरियाणा के मुख्यमंत्री के हाथों से सम्मानित भी हुए। उधोग जगत की नामचीन हस्तियों में शामिल होने से पूर्व निजी कंपनी में नौकरी तक की तथा धीरे-धीरे उधोग और व्यापार के क्षेत्र में कदम बढ़ाया तो फिर कभी वापस मुड़कर नहीं देखा। जी हां हम बात कर रहे हैं नरेंद्र दत्त सैनी की । उधोग के साथ समाज सेवा के क्षेत्र में भी अनुकरणीय कार्य कर रहे हैं तथा स्कूल, छात्रावास व भवन निर्माण के लिए हर संभव मदद के लिए हर समय तत्पर रहने वाले नरेंद्र दत्त सामाजिक सरोकार और परोपकार के लिए भी जाने जाते हैं।राजस्थान के ऐतिहासिक ग्राम प्रागपुरा , जिला कोटपूतली बहरोड में जन्मे नरेंद्र दत्त सैनी का पालन-पोषण एक साधारण शिक्षक परिवार में हुआ। शिक्षक के परिवार में पले-बढ़े होने के कारण उन्होंने अनुशासन, ईमानदारी, परिश्रम तथा शिक्षा एवं समाज सेवा के प्रति समर्पण जैसे मूल्यों को बचपन से ही आत्मसात किया। यही मूल्य उनके व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक जीवन की मजबूत नींव बने। नरेंद्र दत्त सैनी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्रागपुरा-पावटा, जिला कोटपूतली बहरोड से प्राप्त की। उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर से वाणिज्य में स्नातक उपाधि प्राप्त की तथा इसके पश्चात जयपुर से एमबीए किया। उच्च शिक्षा पूर्ण करने के बाद उन्होंने जयपुर की एक निजी कंपनी में अकाउंटेंट के रूप में अपने कैरियर की शुरुआत की। बड़े अवसरों की तलाश और आगे बढ़ने की दृढ़ इच्छा के साथ वे गुरुग्राम, हरियाणा चले गए, जो उस समय भारत के प्रमुख औद्योगिक एवं कॉर्पोरेट केंद्रों में तेजी से विकसित हो रहा था। वहाँ उन्होंने विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) एवं संचालन प्रबंधन (ऑपरेशंस मैनेजमेंट) के क्षेत्र में व्यापक अनुभव अर्जित किया। उन्होंने हीरो समूह की कंपनियों, मारुति सुजुकी के संयुक्त उद्यम तथा ल्यूमेक्स समूह जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं में कार्य किया और अंततः बिज़नेस हेड के पद तक का सफर तय करने के बाद वर्ष 2008 में नरेंद्र दत्त सैनी ने वैश्विक ओईएम कर ट्रक निर्माता कंपनियों एवं निर्यात बाजारों की आवश्यकताओं को पूरा करने के उद्देश्य से ऑटोमोटिव फ़िल्टर निर्माण व्यवसाय की स्थापना कर अपने उद्यमशील सफर की शुरुआत की। प्रथम वर्ष में लगभग 4 करोड़ के कारोबार से प्रारंभ हुई यह यात्रा नवाचार, ग्राहक- केंद्रित दृष्टिकोण और परिचालन उत्कृष्टता के बल पर निरंतर आगे बढ़ती रही। उनके नेतृत्व में कंपनी ने लगभग 23 प्रतिशत की प्रभावशाली वार्षिक चक्रवृद्धि वृद्धि दर हासिल की और वर्ष 2026 तक लगभग 200 करोड़ के वार्षिक कारोबार तक पहुँच गई। हिसार में उद्यमिता दिवस पर आयोजित समारोह में हरियाणा के मुख्य मंत्री नायब सिंह सैनी ने इनके एक्सपोर्ट व प्रोग्रेसिव बिज़नेस के लिए अवार्ड से नवाजा। वर्तमान में उनकी कंपनी मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स, स्टेलांटिस, एस्कॉर्ट्स कुबोटा, सोनालिका, फोर्स मोटर्स, ग्रीव्स कॉटन, बॉश, मैन-हम्मेल तथा अन्य अनेक वैश्विक कंपनियों की विश्वसनीय आपूर्तिकर्ता है। अमेरिका और यूरोप के निर्यात बाजारों में मजबूत उपस्थिति तथा ओईएम व्यवसाय पर विशेष ध्यान देते हुए उन्होंने वर्ष 2030 तक 500 करोड़ के वार्षिक कारोबार का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है।
व्यावसायिक सफलता के साथ-साथ नरेन्द्र दत्त सैनी ने पारिवारिक उत्तरदायित्वों और सामाजिक उत्थान को भी सदैव प्राथमिकता दी है।निम्न मध्यमवर्गीय परिवार से आने के बावजूद उन्होंने अपने भाई-बहनों के बच्चों की शिक्षा एवं कैरियर निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके मार्गदर्शन और सहयोग से अनेक बच्चों ने उच्च शिक्षा प्राप्त कर जयपुर एवं गुरुग्राम में सफल कैरियर स्थापित किए। उन्होंने अपनी पुत्री को चार्टर्ड अकाउंटेंट बनाया, जो वर्तमान में दोहा (कतर) स्थित कतर एयरवेज में कार्यरत हैं। उनके पुत्र ने अमेरिका से इंजीनियरिंग एवं एमबीए की शिक्षा प्राप्त की और वर्तमान में अमेरिका के मैरीलैंड राज्य सरकार में कार्यरत हैं।समाज सेवा के क्षेत्र में उनका योगदान अत्यंत सराहनीय है। अपने पैतृक गाँव प्रागपुरा में उन्होंने आदर्श विद्या मंदिर विद्यालय में कक्षाओं के निर्माण हेतु आर्थिक सहयोग प्रदान किया, आरओ पेयजल व्यवस्था स्थापित करवाई, सरकारी विद्यालयों में रंग-रोगन एवं नवीनीकरण कार्यों में योगदान दिया तथा गाँव के विकास कार्यों में निरंतर सहयोग करते रहे हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों मेधावी विद्यार्थियों को शिक्षा एवं शुल्क सहायता भी समय समय पर प्रदान करते रहते है।नरेन्द्र सैनी विशेष रूप से सैनी समाज की सेवा में सक्रिय रहे हैं। उन्होंने जयपुर के मिलाप नगर स्थित सैनी समाज बालिका शैक्षणिक छात्रावास में एक कक्ष के निर्माण हेतु आर्थिक सहयोग दिया तथा विद्याधर नगर जयपुर स्थित सामुदायिक संस्था को 5 लाख का योगदान देकर आजीवन ट्रस्टी बने। उधोगपति भामाशाह समाजसेवी नरेंद्र दत्त सैनी की सबसे महत्वपूर्ण सामाजिक उपलब्धियों में से एक गुरुग्राम के झाड़सा में सैनी समाज के लिए सिविल सेवा छात्रावास एवं सामुदायिक भवन के निर्माण में अग्रणी भूमिका है। अखिल भारतीय सैनी सेवा समाज , दिल्ली के अध्यक्ष दिलबाग सिंह सैनी के साथ मिलकर उन्होंने इस परियोजना में प्रमुख दानदाता एवं समन्वयक के रूप में योगदान दिया।
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