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राजस्थान: आरजीएचएस में बदलाव के विरोध में पेंशनर्स का प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
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संक्षेप
राजस्थान: कोटपूतली जिले के बानसूर क्षेत्र स्थित बाबा गिरधारी दास मंदिर में सोमवार को सेवानिवृत्त कर्मचारियों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें सरकार द्वारा आरजीएचएस योजना को इंश्योरेंस मोड पर ले जाने की कार्यवाही का कड़ा विरोध किया गया।
विस्तार
राजस्थान: कोटपूतली जिले के बानसूर क्षेत्र स्थित बाबा गिरधारी दास मंदिर में सोमवार को सेवानिवृत्त कर्मचारियों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें सरकार द्वारा आरजीएचएस योजना को इंश्योरेंस मोड पर ले जाने की कार्यवाही का कड़ा विरोध किया गया। कर्मचारियों ने इस योजना को यथावत रखने की मांग की। बैठक की अध्यक्षता सेवानिवृत्त शिक्षक नेता हरिसिंह टांक ने की। बैठक को पेंशनर्स समाज अध्यक्ष भूपसिंह चौधरी, रामसिंह पूनियां, मूलचन्द शर्मा, अरुण, कैलाश चन्द्र रंगा, उदयसिंह व महासंघ के पूर्व अध्यक्ष सुबेसिंह चौधरी ने संबोधित किया। वक्ताओं ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि सेवानिवृत्त कर्मचारी हितों के साथ मनमाने तरीके से छेड़छाड़ की गई, तो इसके घातक परिणाम होंगे। संचालन करते हुये सेवानिवृत्त कर्मचारी महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष पं. बृजमोहन शर्मा ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कदम नहीं उठाये गये तो वे आंदोलन को और उग्र करेंगे। उपखण्ड कार्यालय पर प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन। बैठक के बाद सभी कर्मचारी सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुये उपखण्ड कार्यालय पहुंचे। वहां राजस्थान पेंशनर्स समाज उपशाखा बानसूर के अध्यक्ष के नेतृत्व में एसडीएम के अनुपस्थित होने पर कार्यालय विशेषाधिकारी राजेश शर्मा को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में राजस्थान गवर्नमेंट हैल्थ स्कीम (आरजीएचएस) के तहत मिलने वाली चिकित्सा सुविधाओं को बिना किसी बाधा के नियमित रूप से शुरू करने की मांग की गई। पेंशनर्स समाज ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। ज्ञापन में बताया कि पेंशनर्स को पिछले करीब एक साल से अनुमोदित अस्पतालों से मुफ्त ईलाज लेने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन के अनुसार 14 अप्रैल 2026 से पूरे राज्य में ना तो सूचीबद्ध अस्पतालों में ईलाज मिल पा रहा है और ना ही फार्मा स्टोर्स से मुफ्त दवाईयां मिल रही हैं। पिछले तीन महीनों में चिकित्सा विभाग और आरजीएचएस के अधिकारियों से कई बार संपर्क किया गया, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं निकला। पेंशनर्स समाज के प्रदेश नेतृत्व ने इस संबंध में 06 मई 2026 को मुख्य सचिव, राजस्थान को नोटिस देकर अवगत कराया था कि यदि 11 मई तक व्यवस्था सुचारू नहीं की गई, तो पेंशनर्स आंदोलन का कदम उठायेंगे। इसके बावजूद अब तक स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। ज्ञापन में स्पष्ट कहा गया है कि बुढ़ापे और बीमारियों के कारण अधिकांश पेंशनर्स पूरी तरह से नियमित ईलाज पर ही निर्भर हैं। यदि चिकित्सा सुविधा के अभाव में किसी भी पेंशनर के साथ कोई अप्रिय घटना घटित होती है, तो इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी राजस्थान सरकार की होगी। पेंशनर्स समाज ने मांग की है कि पूरे राजस्थान में आरजीएचएस के अंतर्गत मुफ्त चिकित्सा और दवाईयों की व्यवस्था को अविलंब और सुचारू रूप से बहाल किया जायें। पेंशनर्स ने मांग की है कि आरजीएचएस को पूरी तरह से बीमा मोड़ पर स्थानांतरित नहीं किया जायें। पेंशनर्स के लिये वर्तमान में चल रही ओपीडी व आईपीडी व्यवस्था को बिना किसी बदलाव या छेड़छाड़ के जारी रखा जायें। 14 अप्रैल 2026 से अस्पतालों और फार्मा स्टोरों द्वारा किए गए बहिष्कार के दौरान जिन पेंशनर्स को मजबूरी में नकद भुगतान कर ईलाज कराना पड़ा, उन्हें उस पूरी राशि का पुनर्भरण तुरंत किया जायें। अनुमोदित अस्पतालों और फार्मा स्टोर्स को समय पर नियमित भुगतान सुनिश्चित किया जायें, ताकि पेंशनर्स को बार-बार दवाईयों और ईलाज के लिये परेशान ना होना पड़े।
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