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उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की कारागार विभाग की समीक्षा, जेलों को सुधार केंद्र बनाने पर दिया गया जोर
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संक्षेप
उत्तर प्रदेश: लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज लखनऊ में कारागार विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक की।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज लखनऊ में कारागार विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश की जेल व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित और सुधारात्मक दिशा में और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि जेलें केवल बंदियों को रखने का स्थान नहीं हैं, बल्कि इन्हें सुधार, पुनर्वास और कौशल विकास के प्रभावी केंद्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की सभी जेलों में सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं और तकनीकी सुदृढ़ीकरण को प्राथमिकता के आधार पर मजबूत किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग करते हुए कारागारों को एक नई पहचान दी जाए, जिससे जेल व्यवस्था अधिक पारदर्शी और प्रभावी बन सके। बैठक में मुख्यमंत्री ने ‘ओपन जेल’ की अवधारणा को उपयोगी बताते हुए इस दिशा में एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल गंभीर अपराधियों और संगठित अपराध में शामिल माफिया तत्वों को ही जेलों में रखा जाना चाहिए, जबकि छोटे अपराधों के मामलों में सुधारात्मक दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से 75 वर्ष से अधिक आयु के कैदियों, गंभीर व असाध्य रोगों से ग्रस्त बंदियों, जेल में अपने बच्चों के साथ रह रही महिला बंदियों तथा जमानत राशि जमा न कर पाने वाले कैदियों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए आवश्यक कदम उठाए जाएं। उन्होंने जेलों में बढ़ती भीड़ (ओवरक्राउडिंग) को कम करने के लिए चल रही निर्माण परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने पर जोर दिया। साथ ही बहुमंजिला जेलों के निर्माण को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए, ताकि संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो सके। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह भी स्पष्ट किया कि जेलों की सुरक्षा व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने तकनीक आधारित निगरानी प्रणाली को और मजबूत करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल विकास और उत्पादन गतिविधियों को बढ़ावा देने पर बल दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुधारात्मक प्रयासों के माध्यम से बंदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कारागारों में चल रही योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए ताकि जेल व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव लाया जा सके।
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