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राजस्थान: मां वाउचर योजना से गर्भवती महिलाओं को मिल रही निःशुल्क सोनोग्राफी सुविधा

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राजस्थान  Published by: Pramod Kumar Bansal , Date: 22/05/2026 11:31:55 am Share:
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  • 22/05/2026 11:31:55 am
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संक्षेप

राजस्थान: कोटपूतली मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मॉ वाउचर योजना का शुभारंभ 17 सितम्बर 2024 को पूरे प्रदेश में किया गया।

विस्तार

राजस्थान: कोटपूतली मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मॉ वाउचर योजना का शुभारंभ 17 सितम्बर 2024 को पूरे प्रदेश में किया गया। मॉ वाउचर योजना राजस्थान सरकार की एक दूरदर्शी पहल है, जिसका उद्देश्य राज्य में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करना और सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करना है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य की महिलाओं को निःशुल्क सोनोग्राफी सेवाएं उपलब्ध कराना है। योजना विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए फायदेमंद है जो दूर-दराज के क्षेत्रों में रहती हैं और जिनके लिए स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचना कठिन है। यह योजना उन महिलाओं के लिए भी उपयोगी है, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और सोनोग्राफी जैसी महंगी सेवाओं का खर्च वहन करने में असमर्थ है। योजना के तहत प्रदेश की गर्भवती महिलाएं अपने ऐसे नजदीकी सरकारी चिकित्सा संस्थान पर जाकर सोनोग्राफी करा सकती है जिन सरकारी चिकित्सा संस्थानों में सोनोग्राफी की सुविधा उपलब्ध नहीं तो वहाँ से गर्भवती महिला अपने जन आधार कार्ड और मोबाइल फोन के माध्यम से वाउचर प्राप्त कर सकती है। यह वाउचर सरकारी और सूचीबद्ध निजी पंजीकृत सोनोग्राफी केंद्रों पर निःशुल्क सेवा के लिए मान्य होगा। सीएमएचओ डॉ. आशीष सिंह शेखावत ने बताया कि योजना के अंतर्गत जिले में 17 सितम्बर 2024 से 31 अप्रैल 2026 तक 4472 की सोनोग्राफी की जाकर गर्भवती महिलाओं को लाभान्वित किया गया है।
 
निःशुल्क मिलेगी सोनोग्राफी सेवायें : गर्भावस्था के 84 दिन या उससे अधिक की अवधि वाली महिलायें इस योजना के तहत निःशुल्क सोनोग्राफी करवा सकती हैं। यह सुविधा सरकारी और सूचीबद्ध निजी सोनोग्राफी केंद्रों पर उपलब्ध है।

वाउचर प्रणाली और प्रक्रिया : योजना के तहत गर्भवती महिला को अपना जनआधार कार्ड और मोबाईल फोन लेकर नजदीकी सरकारी चिकित्सा संस्थान पर जाना होगा। चिकित्सा संस्थान में पीसीटीएस सॉफ्टवेयर से ओटीपी के माध्यम से महिला के मोबाइल पर एक एसएमएस द्वारा क्यूआर वाउचर जारी किया जायेगा। वाउचर की वैधता 30 दिनों की होगी। यदि महिला निर्धारित 30 दिनों में सोनोग्राफी नहीं करवा पाती है, तो वह दोबारा चिकित्सा संस्थान पर जाकर वाउचर की अवधि एक बार 30 दिनों तक बढ़ा सकती है।

निजी केंद्रों की भागीदारी : महिलाओं को बेहतर सेवायें देने के लिए प्रदेश के विभिन्न पंजीकृत निजी सोनोग्राफी केंद्रों और अस्पतालों को योजना में शामिल किया गया है। 

ऐसे ले सकते है योजना का लाभ : गर्भवती महिला अपने नजदीकी सरकारी चिकित्सा संस्थान पर जाकर जनआधार कार्ड और मोबाइल फोन के माध्यम से वाउचर प्राप्त कर सकती है। यह वाउचर सरकारी और सूचीबद्ध निजी पंजीकृत सोनोग्राफी केंद्रों पर निःशुल्क सेवा के लिए मान्य होगा। जिले में सरकारी अस्पतालों में संचालित सोनोग्राफी केंद्रों पर सोनोग्राफी सुविधा निःशुल्क है इसलिए सरकारी संस्थान पर सोनोग्राफी कराने के लिए मां वाउचर योजना की आवश्यकता नहीं है। सीएमएचओ डॉ. शेखावत ने बताया कि राज्य सरकार की मॉ वाउचर योजना महिलाओं और उनके शिशु के स्वास्थ्य की देखभाल को सुलभ और प्रभावी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह योजना मातृत्व सेवाओं को व्यापक रूप से पहुंचाने और गर्भावस्था के दौरान जटिलताओं का समय पर पता लगाने में सहायक सिद्ध हो रही है।