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उत्तर प्रदेश: चरखारी को सड़क-रेल विकास की दो बड़ी सौगातों की उम्मीद
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संक्षेप
उत्तर प्रदेश: महोबा चरखारी विधानसभा क्षेत्र को जल्द ही सड़क और रेल क्षेत्र में दो बड़ी सौगातें मिल सकती हैं।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: महोबा चरखारी विधानसभा क्षेत्र को जल्द ही सड़क और रेल क्षेत्र में दो बड़ी सौगातें मिल सकती हैं। सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता सीमा पटनाहा सिंह द्वारा उठाई गई दो प्रमुख जनहित मांगों को मध्य प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल का समर्थन मिलने के बाद इन प्रस्तावों को नई गति मिली है। मंत्री ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी तथा केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया है। पहली मांग निर्माणाधीन कानपुर-सागर राष्ट्रीय राजमार्ग रिंग रोड पर चरखारी-महोबा मार्ग और महोबा-राठ मार्ग पर इंटरचेंज निर्माण की है। इससे चरखारी, राठ, मुस्करा, कुलपहाड़, पनवाड़ी और आसपास के क्षेत्रों को सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त होगा। वर्तमान में चरखारी, राठ, मुस्करा, कुलपहाड़, पनवाड़ी, उरई और आसपास के क्षेत्रों से आने वाले वाहनों को महोबा शहर के भीतर से होकर गुजरना पड़ता है। इससे शहर में यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है। प्रस्तावित इंटरचेंज बनने से हजारों वाहन सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ सकेंगे और उन्हें महोबा शहर में प्रवेश नहीं करना पड़ेगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि इंटरचेंज बनने से चरखारी को पहली बार सीधी राष्ट्रीय राजमार्ग कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे दिल्ली, झांसी, कानपुर, लखनऊ, भोपाल और सागर जैसे शहरों तक आवागमन आसान होगा। साथ ही किसानों को कृषि उत्पादों के परिवहन में सुविधा मिलेगी और महोबा के प्रसिद्ध पान उद्योग को भी राष्ट्रीय बाजार तक पहुंचने में मदद मिलेगी। दूसरी मांग गाड़ी संख्या 12447/12448 उत्तर प्रदेश संपर्क क्रांति एक्सप्रेस के बेलाताल रेलवे स्टेशन पर नियमित ठहराव की है। इस मांग के पूरा होने पर बेलाताल, जैतपुर सहित 25 से अधिक गांवों तथा मध्य प्रदेश के नौगांव क्षेत्र के हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। वर्तमान में यात्रियों को ट्रेन पकड़ने के लिए महोबा, कुलपहाड़ या हरपालपुर जाना पड़ता है। विशेष बात यह है कि इन दोनों मांगों का लाभ केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि मध्य प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों को भी मिलेगा। राजनीतिक जानकारों के अनुसार पहली बार मध्य प्रदेश सरकार के किसी कैबिनेट मंत्री ने इन मुद्दों का औपचारिक समर्थन करते हुए केंद्र सरकार को अनुशंसा पत्र भेजा है। क्षेत्रीय लोगों का मानना है कि यदि इन मांगों को स्वीकृति मिल जाती है तो सड़क, रेल, व्यापार, पर्यटन और रोजगार के क्षेत्र में बुंदेलखंड को बड़ी मजबूती मिलेगी।चरखारी, जैतपुर, बेलाताल, कुलपहाड़, मुस्करा और राठ क्षेत्र के लोगों में इन दोनों प्रस्तावों को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यदि केंद्र सरकार इन मांगों को स्वीकृति देती है तो यह बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए पिछले कई वर्षों की सबसे बड़ी विकासात्मक उपलब्धियों में शामिल होगी। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि सीमा पटनाहा सिंह ने इन मांगों को केवल स्थानीय मुद्दे के रूप में नहीं बल्कि अंतरराज्यीय विकास और बुंदेलखंड के समग्र उत्थान से जोड़कर प्रस्तुत किया। यही कारण है कि उनकी पहल को उत्तर प्रदेश के साथ-साथ मध्य प्रदेश के जनप्रतिनिधियों का भी समर्थन मिलने लगा है।सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता सीमा पटनाहा सिंह पिछले कई वर्षों से बुंदेलखंड के विभिन्न जनहित मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाती रही हैं। इस बार भी उन्होंने सड़क, रेल, पर्यटन, व्यापार और क्षेत्रीय विकास से जुड़े इन मुद्दों को तथ्यात्मक आधार पर केंद्र सरकार के समक्ष रखा, जिसके परिणामस्वरूप ये मांगें अब निर्णय प्रक्रिया तक पहुंच चुकी।
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