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उत्तर प्रदेश: न्यूरो भारत कॉन्क्लेव 2026 में योग और न्यूरोलॉजी को एकीकृत करने पर दिया जोर
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संक्षेप
उत्तर प्रदेश: वाराणसी दूसरे न्यूरो भारत कॉन्क्लेव 2026' में, कॉन्क्लेव के आयोजन अध्यक्ष और 'न्यूरो सिटी' व 'हेल्थ सिटी' के चेयरमैन डॉ. राकेश सिंह, तथा आयोजन अध्यक्ष और 'शौर्य न्यूरो सेंटर' व 'अग्रिम हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. अविनाश चंद्र सिंह ने पूरे न्यूरोलॉजी समुदाय को इलाज के साथ-साथ योग को भी अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: वाराणसी दूसरे न्यूरो भारत कॉन्क्लेव 2026' में, कॉन्क्लेव के आयोजन अध्यक्ष और 'न्यूरो सिटी' व 'हेल्थ सिटी' के चेयरमैन डॉ. राकेश सिंह, तथा आयोजन अध्यक्ष और 'शौर्य न्यूरो सेंटर' व 'अग्रिम हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. अविनाश चंद्र सिंह ने पूरे न्यूरोलॉजी समुदाय को इलाज के साथ-साथ योग को भी अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। इसके तहत, उन्होंने योग प्रशिक्षक डॉ. जे.पी. सिंघवी द्वारा एक योग सत्र की योजना बनाई, जिसमें तंत्रिका तंत्र (Nervous System) के स्वास्थ्य के लिए योग के लाभों पर प्रकाश डाला गया। डॉ. सिंघवी ने योग अभ्यासों के वैज्ञानिक और चिकित्सीय लाभों पर जोर दिया, विशेष रूप से तंत्रिका तंत्र पर उनके सकारात्मक प्रभाव पर। निर्देशित ध्यान, श्वास तकनीकों (प्राणायाम) और सरल योगासनों के मेल से, उन्होंने यह प्रदर्शित किया कि नियमित अभ्यास किस प्रकार तंत्रिका कार्यों को नियंत्रित करने, तनाव कम करने और समग्र मानसिक स्पष्टता को बढ़ाने में सहायक हो सकता है। इस सत्र में इस बात पर प्रकाश डाला गया कि योग न केवल उन स्वस्थ व्यक्तियों के लिए लाभकारी है जो अपनी तंदुरुस्ती बनाए रखना चाहते हैं, बल्कि उन मरीज़ों के लिए भी फायदेमंद है जो तंत्रिका संबंधी समस्याओं (neurological conditions) से जूझ रहे हैं। न्यूरोप्लास्टिसिटी में सुधार करने, भावनात्मक प्रतिक्रियाओं को स्थिर करने और ठीक होने की प्रक्रिया में सहायता करने में माइंडफुलनेस (सचेतनता) और ध्यान की भूमिका पर विशेष ज़ोर दिया गया। उपस्थित डॉक्टरों को संबोधित करते हुए, डॉ. राकेश सिंह और डाक्टर अविनाश चंद्र सिंह ने आधुनिक चिकित्सा पद्धति में योग को एक पूरक दृष्टिकोण के रूप में शामिल करने के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों को प्रोत्साहित किया कि वे मरीज़ों के उपचार परिणामों को बेहतर बनाने के लिए पारंपरिक उपचारों के साथ-साथ सुनियोजित योग दिनचर्या भी सुझाने पर विचार करें। इस संवादात्मक सत्र को उपस्थित न्यूरोलॉजिस्ट और न्यूरोसर्जन से भरपूर सराहना मिली, जिन्होंने एकीकृत चिकित्सा (integrative medicine) की बढ़ती प्रासंगिकता को स्वीकार किया। प्रतिभागियों ने इस सत्र को ज्ञानवर्धक और व्यावहारिक दोनों बताया, जिसमें ऐसे मूल्यवान उपाय बताए गए जिन्हें दैनिक जीवन और चिकित्सीय अभ्यास में शामिल किया जा सकता है। इस कार्यक्रम का समापन एक निर्देशित ध्यान सत्र के साथ हुआ, जिसने उपस्थित लोगों को विश्राम और समग्र स्वास्थ्य अभ्यासों के महत्व के प्रति एक नई जागरूकता का अनुभव कराया। न्यूरो भारत कॉन्क्लेव 2026 सफलतापूर्वक पूर्वक संपन्न हुआ जिसमे डेढ़ दिन तक चले इस गहन शैक्षणिक और सहयोगात्मक कार्यक्रम में देश भर से आए जाने-माने न्यूरोलॉजिस्ट, न्यूरोसर्जन और स्वास्थ्य सेवा पेशेवर एक मंच पर एकत्रित हुए। दूसरे न्यूरो भारत कॉन्क्लेव 2026 के समापन की घोषणा के अवसर पर, कॉन्क्लेव के आयोजन अध्यक्ष और न्यूरो सिटी' व 'हेल्थ सिटी' के चेयरमैन डॉ. राकेश सिंह, तथा आयोजन अध्यक्ष और शौर्य न्यूरो सेंटर' व 'अग्रिम हॉस्पिटल' के निदेशक डॉ. अविनाश चंद्र सिंह उपस्थित थे। अपने समापन भाषण में, डॉ. सिंह ने सभी विशिष्ट संकाय सदस्यों, प्रतिनिधियों और प्रतिभागियों के सक्रिय सहयोग और बहुमूल्य योगदान के लिए उनके प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कॉन्क्लेव के मुख्य निष्कर्षों पर प्रकाश डाला, और अंतर्विषयक सहयोग, तंत्रिका विज्ञान (neurological sciences) में हुई प्रगति, तथा रोगी देखभाल में नवीन दृष्टिकोणों को अपनाने के महत्व पर जोर दिया। डॉ. सिंह ने कहा कि इन सत्रों के दौरान न्यूरोलॉजी और न्यूरोसर्जरी के क्षेत्र में उभरते रुझानों, चुनौतियों और भविष्य की दिशाओं पर सार्थक चर्चाएँ हुई। धन्यवाद ज्ञापन देते हुए, आयोजन अध्यक्ष और शौर्य न्यूरो क्लिनिक' व 'अग्रिम हॉस्पिटल के चेयरमैन डॉ. अविनाश सिंह ने आयोजन टीम के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने इस कार्यक्रम के सुचारू संचालन और प्रतिभागियों के उत्साहपूर्ण सहयोग को सराहा, जिसके कारण यह कॉन्क्लेव एक बड़ी सफलता साबित हुआ। उन्होंने तंत्रिका संबंधी देखभाल, शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए अग्रणी संस्थाओं- प्यूरो सिटी, हेल्थ सिटी, शौर्य न्यूरो क्लिनिक' और अग्रिम हॉस्पिटल' के दृष्टिकोण को भी दोहराया। यह कॉन्क्लेव एक सकारात्मक और भविष्योन्मुखी संदेश के साथ संपन्न हुआ। प्रतिभागियों ने इस कार्यक्रम के दौरान ज्ञान के आदान-प्रदान और पेशेवर नेटवर्किंग के जो अवसर उन्हें मिले, उन पर अपनी संतुष्टि व्यक्त की।